लखनऊ, 23 जुलाई।
जवाहर भवन, लखनऊ में गुरुवार को ग्राम्य विकास आयुक्त श्री जी.एस. प्रियदर्शी की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वयं सहायता समूहों (SHG) के गठन, वित्तीय समावेशन, कृषि आधारित आजीविका, महिला उद्यमिता, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में आयुक्त श्री प्रियदर्शी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में सभी कार्यों की समीक्षा जियो-टैग फोटो, पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों एवं धरातलीय साक्ष्यों के आधार पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के गठन में तेजी लाने, निष्क्रिय समूहों को शीघ्र सक्रिय करने तथा नवगठित समूहों को गठन के सात दिनों के भीतर डिजिटल प्रमाण-पत्र एवं एसएमएस आधारित सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के प्रभावी संचालन, प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘बीमा सखी’ की तैनाती, मत्स्य पालन एवं अंडा उत्पादन को बढ़ावा देने, ‘प्रेरणा कृषि उपकरण बैंक’ के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने पर विशेष बल दिया।
इस अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने समीक्षा बैठक के निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, तकनीक आधारित एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को नई गति मिलेगी। संगठन ने प्रदेश सरकार एवं ग्राम्य विकास विभाग को आश्वस्त किया कि पंचायत स्तर पर जागरूकता एवं जनसहभागिता बढ़ाने में संगठन हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
