ग्राम्य विकास आयुक्त ने जारी किया कार्यालय आदेश, ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने किया स्वागत
लखनऊ, 23 जुलाई।
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के अंतर्गत ₹97.38 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि जारी करते हुए उसके उपयोग संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ग्राम्य विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल निर्धारित मदों एवं शासनादेशों के अनुरूप ही किया जाएगा।

कार्यालय आदेश के अनुसार प्रत्येक कार्य प्रारंभ करने से पहले तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता, पर्यावरणीय मानकों तथा वित्तीय नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला विकास अधिकारियों एवं उपायुक्त (श्रम रोजगार) को धनराशि के उपयोग, निरीक्षण, भौतिक सत्यापन और नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित समयावधि में किया जाए। यदि किसी स्तर पर धनराशि का दुरुपयोग, अनियमित व्यय अथवा निर्धारित उद्देश्य से हटकर खर्च किया जाता है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार वसूली एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी कार्यों का अभिलेखीकरण, उपयोगिता प्रमाण-पत्र तथा प्रगति रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराना भी अनिवार्य होगा।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने शासन के इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को जारी प्रत्येक रुपये का उपयोग जनहित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण हों और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि संगठन प्रदेश के सभी पंचायत प्रतिनिधियों से शासन के निर्देशों का पूर्ण पालन करने की अपील करेगा तथा यह भी अपेक्षा करेगा कि ईमानदारी से कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। वास्तविक अनियमितताओं पर ही कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि पारदर्शी एवं जवाबदेह पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिल सके।
