स्थापना दिवस (27 जुलाई) पर विशेष लेख
“जब देश निश्चिंत होकर सोता है, तब सीआरपीएफ का जवान सीमाओं से लेकर जंगलों, पर्वतों और शहरों तक हर मोर्चे पर राष्ट्र की सुरक्षा में डटा रहता है। उसका साहस, अनुशासन और बलिदान ही भारत की आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है।”
— विवेक चन्द्र अवस्थी
राष्ट्रीय अध्यक्ष, ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन
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भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में यदि किसी सुरक्षा बल का नाम सबसे पहले और सबसे अधिक सम्मान के साथ लिया जाता है, तो वह है केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)। विश्व के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल के रूप में स्थापित सीआरपीएफ केवल एक सुरक्षा संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त प्रहरी है।

27 जुलाई का दिन सीआरपीएफ के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह अवसर उन लाखों वीर जवानों के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के संकल्प को नमन करने का दिन है, जिन्होंने हर चुनौती के बीच देशहित को सर्वोपरि रखा।
राष्ट्र सुरक्षा का मजबूत आधार
वर्ष 1939 में स्थापित इस बल ने स्वतंत्रता के बाद से लेकर आज तक आतंकवाद, नक्सलवाद, उग्रवाद, चुनावी सुरक्षा, वीआईपी सुरक्षा, दंगा नियंत्रण और आपदा राहत जैसे अनेक संवेदनशील क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। देश के सबसे कठिन और दुर्गम इलाकों में भी सीआरपीएफ के जवान पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं।
त्याग और बलिदान की अमर गाथा
सीआरपीएफ का इतिहास वीरता और सर्वोच्च बलिदानों से भरा हुआ है। अनेक जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। उनका बलिदान केवल सुरक्षा का नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की ऐसी मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।
लोकतंत्र का सजग प्रहरी
भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने में सीआरपीएफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्राकृतिक आपदाओं, सामाजिक संकटों और आपातकालीन परिस्थितियों में भी यह बल राहत एवं बचाव कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता है। यही कारण है कि देशवासियों का इस बल पर अटूट विश्वास है।
राष्ट्र का गौरव
आज आवश्यकता है कि हम केवल स्थापना दिवस पर ही नहीं, बल्कि प्रत्येक दिन उन वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करें, जो अपने परिवार से दूर रहकर देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुशासन, समर्पण और सेवा-भाव प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
संदेश
सीआरपीएफ स्थापना दिवस पर हम सभी देशवासियों का दायित्व है कि राष्ट्र की सुरक्षा, एकता और अखंडता के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें तथा वीर जवानों के त्याग और बलिदान का सम्मान करें।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सभी अधिकारियों, जवानों, उनके परिवारों तथा शहीद वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि एवं स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
जय हिन्द! 🇮🇳
