राष्ट्रीय अभिभावक दिवस पर युवाओं से पारिवारिक संस्कारों के संरक्षण का आह्वान, अभिभावकों के सम्मान को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार
लखनऊ, 26 जुलाई। राष्ट्रीय अभिभावक दिवस के अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने देश एवं प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता-पिता का स्नेह, त्याग, तपस्या और आशीर्वाद ही प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की सबसे अमूल्य पूंजी है। जिन परिवारों में अभिभावकों का सम्मान होता है, वहीं से संस्कारवान नागरिक और मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता को ईश्वर के समान स्थान दिया गया है। उनके अनुभव, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से ही आने वाली पीढ़ियां जीवन के सही मूल्यों को अपनाती हैं। बदलते सामाजिक परिवेश में भी परिवार की एकता, बड़ों का सम्मान और पारिवारिक संस्कार हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने माता-पिता एवं सभी अभिभावकों के प्रति सम्मान, सेवा और कृतज्ञता का भाव रखें तथा उनके साथ समय बिताकर उनके अनुभवों से सीखें। उन्होंने कहा कि अभिभावकों के चेहरे की मुस्कान ही किसी भी संतान की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन सदैव ऐसे सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो परिवार, समाज और राष्ट्र को नई दिशा प्रदान करें। संगठन का विश्वास है कि सशक्त परिवार, सशक्त पंचायत और सशक्त भारत की नींव अच्छे संस्कारों और अभिभावकों के सम्मान पर ही टिकी है।
राष्ट्रीय अभिभावक दिवस के अवसर पर श्री अवस्थी ने सभी नागरिकों से अपने माता-पिता एवं अभिभावकों के प्रति प्रेम, सम्मान और सेवा का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और भारतीय संस्कृति के प्रति हमारा वास्तविक सम्मान होगा।
