लखनऊ। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर राज्य की लगभग 58 हजार ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से “उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली” शीघ्र लागू करने की मांग की है।
उन्होंने अपने पत्र में कहा कि बिहार सरकार द्वारा ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली-2026 लागू कर ग्राम पंचायतों को होल्डिंग (संपत्ति) कर सहित विभिन्न स्थानीय कर एवं शुल्क अधिरोपित करने का अधिकार प्रदान किया गया है। यह कदम ग्राम पंचायतों की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करने तथा स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसी प्रकार की व्यवस्था उत्तर प्रदेश में भी लागू की जानी चाहिए।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश की अधिकांश ग्राम पंचायतें सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण स्थानीय आवश्यकताओं एवं विकास कार्यों को अपेक्षित गति से पूरा नहीं कर पा रही हैं। यदि ग्राम पंचायतों को स्थानीय कर एवं शुल्क लगाने तथा उनका राजस्व स्वयं उपयोग करने का अधिकार दिया जाए तो वे अधिक प्रभावी ढंग से ग्रामीण विकास कार्यों का संचालन कर सकेंगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि ग्राम पंचायतों को होल्डिंग (संपत्ति) कर लगाने एवं संग्रहित करने का विधिक अधिकार प्रदान किया जाए। साथ ही स्थानीय व्यापार, उद्योग, प्रतिष्ठान, हाट-बाज़ार, मेले, पार्किंग, विज्ञापन, होर्डिंग, मोबाइल टावर, सिनेमाघर एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर विधिसम्मत कर एवं शुल्क निर्धारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पत्र में यह भी सुझाव दिया गया है कि कर निर्धारण एवं वसूली की पूरी प्रक्रिया डिजिटल एवं पारदर्शी बनाई जाए, पंचायत प्रतिनिधियों एवं सचिवों को वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाए तथा ग्राम पंचायतों को स्थानीय राजस्व का उपयोग पेयजल, सड़क, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, पर्यावरण संरक्षण एवं अन्य विकास कार्यों में करने की स्वायत्तता प्रदान की जाए।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन का मानना है कि ग्राम पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय अधिकार मिलने से वे आत्मनिर्भर बनेंगी, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी तथा “विकसित उत्तर प्रदेश – विकसित भारत” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा।
