संगठन की मांग के अनुरूप शासन ने जारी किया आदेश, 20 जुलाई 2026 से नई क्षेत्र पंचायतों के गठन तक वर्तमान ब्लॉक प्रमुख संभालेंगे प्रशासक की जिम्मेदारी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन ने क्षेत्र पंचायतों के कार्यकाल की समाप्ति के बाद प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। शासन के आदेश के अनुसार 20 जुलाई 2026 से प्रदेश के 826 वर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को नवगठित क्षेत्र पंचायतों की प्रथम बैठक होने अथवा अधिकतम छह माह की अवधि तक प्रशासक के रूप में कार्य करने के लिए नामित किया जाएगा।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने लंबे समय से यह मांग उठाई थी कि नए निर्वाचित क्षेत्र पंचायत बोर्ड के गठन तक वर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक के रूप में कार्य करने का अवसर दिया जाए, ताकि विकास कार्यों में कोई व्यवधान न आए और प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे। संगठन की इस मांग पर शासन द्वारा निर्णय लिए जाने का संगठन ने स्वागत किया है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि यह निर्णय लोकतांत्रिक व्यवस्था, पंचायतों की कार्यशीलता और विकास कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र पंचायतों में विकास कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे।
यह आदेश उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किया गया है और नई क्षेत्र पंचायतों की प्रथम बैठक अथवा अधिकतम छह माह तक प्रभावी रहेगा।
