ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक चिकित्सा जागरूकता को बताया जरूरी, पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण और संसाधनों पर दिया जोर
लखनऊ, 12 सितंबर। विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि दुर्घटना, चोट, जलने, बेहोशी या अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में चिकित्सकीय सहायता पहुंचने से पहले दी गई प्राथमिक चिकित्सा कई बार जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी केवल स्वास्थ्यकर्मियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत प्रतिनिधियों, युवाओं और स्वयंसेवकों को इसकी बुनियादी जानकारी होनी चाहिए।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि गांवों में अस्पताल या एंबुलेंस तक पहुंचने में कभी-कभी समय लग जाता है। ऐसे में प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण लोगों को आपात स्थिति में सही कदम उठाने में सक्षम बना सकता है। उन्होंने पंचायत स्तर पर प्राथमिक चिकित्सा किट की उपलब्धता, जागरूकता कार्यक्रमों और आवश्यक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से अपील करते हुए कहा कि प्राथमिक चिकित्सा का उद्देश्य केवल उपचार करना नहीं, बल्कि आपात स्थिति में घायल व्यक्ति की स्थिति को सुरक्षित रखते हुए समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि “हर पंचायत जागरूक हो और हर नागरिक प्राथमिक चिकित्सा की बुनियादी जानकारी रखे, तो आपात परिस्थितियों में अनमोल जीवन बचाने की संभावना बढ़ाई जा सकती है।”
विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर संगठन ने लोगों से प्राथमिक चिकित्सा के प्रति जागरूक होने, सही जानकारी प्राप्त करने और आपात स्थिति में घबराने के बजाय प्रशिक्षित एवं सुरक्षित तरीके से सहायता करने का आह्वान किया।
