अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण का लिया संकल्प
कानपुर। अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से देशवासियों एवं समस्त पंचायत प्रतिनिधियों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि लोकतंत्र भारत की आत्मा, संविधान की चेतना और जनता की सबसे बड़ी शक्ति है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संवाद, सहभागिता, उत्तरदायित्व, संघर्ष, सुधार और निरंतर जनसेवा की सतत यात्रा है। भारत का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास और संविधान के प्रति आस्था ही देश की सबसे बड़ी ताकत है।
श्री अवस्थी ने कहा, “लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है। जनता ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है, जनता ही राष्ट्रनिर्माता है और जनता ही देश का भविष्य गढ़ती है। जब नागरिक जागरूक, सजग और अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार रहते हैं, तभी लोकतंत्र और अधिक मजबूत होता है।”
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक मजबूती गाँव की चौपाल से लेकर देश की संसद तक जनभागीदारी से सुनिश्चित होती है। पंचायतीराज संस्थाएँ लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार, संसाधन और प्रभावी जनभागीदारी देकर ही लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर और सशक्त बनाया जा सकता है।
अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की गरिमा, पारदर्शिता, सामाजिक समावेशन और जनभागीदारी को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।
श्री विवेक चन्द्र अवस्थी ने देशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि हमें लोकतंत्र को केवल जीवित ही नहीं रखना है, बल्कि इसे और अधिक सशक्त, समावेशी, पारदर्शी एवं जनकल्याणकारी बनाना है।
उन्होंने कहा—
“लोकतंत्र वह मंदिर है, जिसमें जनता सर्वोच्च है, संविधान हमारा मार्गदर्शक है और जनता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।”
जय लोकतंत्र…! जय संविधान…! जय भारत…! 🇮🇳
