प्रदर्शनकारियों का भावुक संदेश था—
“हम यहां मुख्यमंत्री, विधायक या सांसद बनने नहीं आए हैं। हम तो सिर्फ अपने माता-पिता के सपनों को साकार करने, अपने अधिकार और अपने भविष्य के लिए संघर्ष करने आए हैं।”
नई दिल्ली। देश की राजधानी स्थित जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में जुटे युवा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की रक्षा करते हुए अपने माता-पिता के सपनों को साकार करना है।
धरना-स्थल पर मौजूद युवाओं ने कहा कि वर्षों की मेहनत, कठिन परिश्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बाद भी यदि उन्हें समय पर न्याय और अवसर नहीं मिलता, तो उनका भविष्य अधर में लटक जाता है। उनका कहना है कि वे किसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा से प्रेरित होकर नहीं, बल्कि रोजगार, पारदर्शिता और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर जंतर-मंतर पहुंचे हैं।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके परिवारों ने सीमित संसाधनों के बावजूद उन्हें पढ़ाया-लिखाया है। अब वे चाहते हैं कि उनकी मेहनत का उचित सम्मान हो और उन्हें योग्यता के आधार पर अवसर मिले। उनका कहना है कि सरकार उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।
धरना-स्थल पर युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हुए सरकार से संवाद स्थापित करने और लंबित मांगों का न्यायसंगत समाधान करने की अपील की। उनका कहना है कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनके सपनों को साकार करना राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है।
