हर ग्राम पंचायत का वैज्ञानिक जल प्रबंधन ही भविष्य के जल संकट का स्थायी समाधान — विवेक चन्द्र अवस्थी
लखनऊ/नई दिल्ली।
केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा देश में पहली बार ग्राम पंचायत स्तर पर ‘जल बजट’ तैयार करने की ऐतिहासिक पहल का ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने स्वागत किया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को भी इस महत्वाकांक्षी योजना से शीघ्र जोड़ा जाए, जिससे गांवों में जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और जल संसाधनों का वैज्ञानिक एवं सतत प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
पंचायती राज मंत्रालय ने प्रथम चरण में बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु तथा पश्चिम बंगाल के 100 जिलों, 100 विकासखंडों एवं 1,000 ग्राम पंचायतों में इस योजना की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत अपनी जल उपलब्धता, जल की वार्षिक आवश्यकता, वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर, सिंचाई एवं पेयजल की स्थिति का वैज्ञानिक आकलन कर स्थानीय जल बजट तैयार करेगी।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा ग्रामीण राज्य है, इसलिए यहां इस योजना का क्रियान्वयन और भी अधिक आवश्यक है।
श्री अवस्थी ने कहा—
“जल ही जीवन, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। आज आवश्यकता है कि उत्तर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत अपना ‘जल बजट’ तैयार करे। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल ग्रामीण भारत के लिए एक दूरदर्शी और क्रांतिकारी कदम है। उत्तर प्रदेश को भी शीघ्र इस योजना में शामिल कर प्रत्येक ग्राम पंचायत को जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और वर्षा जल संचयन के लिए वैज्ञानिक कार्ययोजना बनाने का अवसर दिया जाना चाहिए। जल बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम ग्राम पंचायतें ही हैं और यदि गांव जल-सुरक्षित होंगे तो देश का भविष्य भी सुरक्षित होगा।”
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के साथ जल बजट को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए तथा ग्राम प्रधानों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को इसके लिए तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। इससे प्रत्येक ग्राम पंचायत स्थानीय संसाधनों के अनुरूप जल संरक्षण की प्रभावी रणनीति तैयार कर सकेगी और भविष्य के जल संकट से निपटने में सक्षम बनेगी।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि उत्तर प्रदेश में “हर ग्राम पंचायत – अपना जल बजट” अभियान प्रारंभ किया जाता है, तो यह जल संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा तथा प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को दीर्घकालिक जल सुरक्षा प्राप्त होगी।
