प्रदेश की 10 उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों का होगा चयन, ₹50 लाख की पुरस्कार राशि से किया जाएगा सम्मानित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण विकास और ग्राम पंचायतों में उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने की दिशा में पहली बार ‘मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार’ योजना की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत प्रदेश की 10 उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों का चयन कर उन्हें कुल ₹50 लाख की भव्य पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य ग्राम पंचायतों द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय विकास कार्यों, बेहतर प्रशासन, जनसुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रोत्साहन देना है। मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को प्रदेश स्तर पर पहचान मिलने के साथ-साथ अन्य पंचायतों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
योजना के अंतर्गत चयनित ग्राम पंचायतों के कार्यों और उपलब्धियों का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को सम्मानित कर उनकी कार्यप्रणाली और सफल प्रयासों को अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनाया जाएगा।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने प्रदेश सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन और सम्मान मिलने से ग्रामीण विकास की प्रतिस्पर्धात्मक भावना मजबूत होगी। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण और जमीनी इकाई हैं। उन्हें उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रोत्साहित करना गांवों को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार’ जैसी योजनाओं से पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण प्रशासन के बीच सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा तथा गांवों में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
यह योजना प्रदेश की ग्राम पंचायतों के लिए अपने कार्यों को और बेहतर बनाने तथा उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम करने का अवसर लेकर आई है।
