
लखनऊ। भूदान आंदोलन के माध्यम से सामाजिक न्याय, करुणा और मानवीय संवेदनाओं का संदेश देने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी एवं ‘भारत रत्न’ आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि आचार्य विनोबा भावे केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या, सेवा और सामाजिक समरसता के ऐसे पुरोधा थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि भूदान आंदोलन के जरिए विनोबा भावे ने जमीन के साथ-साथ दिलों को जोड़ने का कार्य किया। उनका मानना था कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब उसमें परस्पर सहयोग, समानता, करुणा और भाईचारे की भावना मजबूत हो। उनके विचार आज भी ग्रामीण भारत और पंचायतीराज व्यवस्था के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।
श्री अवस्थी ने कहा कि सादगी एवं शुचिता से परिपूर्ण आचार्य विनोबा भावे का जीवन समाज और राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर गांवों में जनभागीदारी, सामाजिक न्याय, ग्राम स्वराज और समावेशी विकास को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने इस अवसर पर संकल्प व्यक्त किया कि आचार्य विनोबा भावे के सेवा, समरसता और ग्राम स्वराज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा ग्रामीण समाज के सशक्तीकरण के लिए संगठन निरंतर प्रयास करता रहेगा।
“विनोबा भावे का जीवन हमें सिखाता है कि सच्ची सेवा वही है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसके जीवन में सम्मान और परिवर्तन लाए।”
