कार्यकर्तियों का मानदेय ₹8 हजार से बढ़ाकर ₹12 हजार, सहायिकाओं को अब ₹6 हजार प्रतिमाह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी किए जाने की घोषणा का ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने स्वागत किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्तियां ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा तथा मातृ-शिशु कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निरंतर निर्वहन कर रही हैं।
सरकार के निर्णय के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों का मानदेय ₹8 हजार से बढ़ाकर ₹12 हजार प्रतिमाह तथा सहायिकाओं का मानदेय ₹4 हजार से बढ़ाकर ₹6 हजार प्रतिमाह किया गया है। इसके साथ ही कार्यकत्रियों, सहायिकाओं एवं उनके परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा दिए जाने की बात भी कही गई है।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा—
“आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि सरकार का स्वागतयोग्य निर्णय है। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण की जिम्मेदारी निभाने वाली इन कर्मठ महिलाओं के श्रम और सेवा को इससे उचित सम्मान मिलेगा। हमारा संगठन इस निर्णय का स्वागत करता है और अपेक्षा करता है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को आवश्यक संसाधन, सुविधाएं एवं बेहतर कार्यपरिस्थितियां उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार प्रभावी कदम उठाएगी।”
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण समाज के लिए महत्वपूर्ण सेवा केंद्र हैं। कार्यकर्तियों की सक्रिय भूमिका से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक विकास को मजबूती मिलती है। मानदेय में वृद्धि से उनके आर्थिक संबल के साथ-साथ कार्य के प्रति उत्साह और मनोबल भी बढ़ेगा।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने सरकार के इस निर्णय को महिला सम्मान, ग्रामीण कल्याण और बाल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों एवं सहायिकाओं के हित में भविष्य में भी आवश्यक निर्णय लिए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
