“श्री बाँके बिहारी धाम मड़ेपुर में जन्मोत्सव एवं छठी महोत्सव की पावन परंपरा आज भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, गहन भावनात्मक जुड़ाव और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। यह दिव्य परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी भक्ति, संस्कार और जीवन-मूल्यों का प्रकाश फैलाकर समाज को अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ रही है।”

कानपुर नगर। श्री बाँके बिहारी धाम मड़ेपुर, कानपुर नगर में योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का छठी महोत्सव आज श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का पूजन-अर्चन कर सुख-शांति और लोककल्याण की कामना की।

छठी महोत्सव के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना, भोग, आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान के दर्शन कर अपनी आस्था अर्पित की। मंदिर परिसर में “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की छठी का पूजन-अर्चन मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत सम्पन्न कराया गया। आचार्य बालगोविंद द्विवेदी के मार्गदर्शन में आयोजित पूजन में यजमान के रूप में मेरे पूज्य दिवंगत बड़े भाई, श्री सतीश चंद्र अवस्थी के सुपुत्र श्री सौरभ अवस्थी ने महाआरती की।
भजन संध्या में लोकप्रिय व्यास, आदरणीय श्री शिवसागर अवस्थी; प्रसिद्ध श्रीराम अभिनेता श्री आशीष पांडेय; लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले अभिनेता श्री आदर्श पांडेय, निवासी पिपरौंदा; तथा तबलावादक श्री ऋषि तिवारी एवं रवि तिवारी ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी।

श्री बिहारी जी विराजमान मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी एवं सरवराहकार विवेक चंद्र अवस्थी ने छठी महोत्सव की सफलता पर श्रद्धालुओं तथा आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएँ प्रेम, सरलता, करुणा और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश देती हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि श्री बाँके बिहारी धाम मड़ेपुर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सनातन संस्कारों, सेवा, सद्भाव और सामाजिक एकता की भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा सभी भक्तों और उनके परिवारों पर बनी रहे तथा समाज में प्रेम, शांति और सद्भाव का विस्तार हो—यही मंगलकामना है।
छठी महोत्सव के सम्पन्न होने के उपरांत श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और भगवान श्री बिहारी जी से परिवार एवं समाज के कल्याण की प्रार्थना की। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला।
