ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने मुख्यमंत्री को सौंपा प्रत्यावेदन, स्पष्ट शासनादेश जारी करने का किया अनुरोध
लखनऊ। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक प्रत्यावेदन प्रेषित कर प्रशासक के रूप में कार्यरत निवर्तमान ग्राम प्रधानों के मानदेय, ग्राम प्रधान कल्याण कोष एवं अन्य वैधानिक सुविधाओं के संबंध में शीघ्र स्पष्ट शासनादेश जारी करने का अनुरोध किया है।

प्रत्यावेदन में कहा गया है कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों के नवीन गठन तक निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त कर ग्रामीण प्रशासन की निरंतरता बनाए रखने का सराहनीय निर्णय लिया गया है। संगठन ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश के हजारों ग्राम प्रधान शासन के निर्देशानुसार पूरी निष्ठा एवं उत्तरदायित्व के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
श्री अवस्थी ने कहा कि विभिन्न जनपदों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार प्रशासक नियुक्त होने के बाद ग्राम प्रधानों के मानदेय, ग्राम प्रधान कल्याण कोष से मिलने वाली सहायता तथा अन्य वैधानिक सुविधाओं के संबंध में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे पंचायत प्रतिनिधियों एवं उनके परिवारों में स्वाभाविक चिंता व्याप्त है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण इकाई के प्रतिनिधि हैं और ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रत्यावेदन के माध्यम से संगठन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि प्रशासक के रूप में कार्यरत निवर्तमान ग्राम प्रधानों के मानदेय के संबंध में स्पष्ट शासनादेश जारी किया जाए, ग्राम प्रधान कल्याण कोष एवं अन्य कल्याणकारी सुविधाओं की निरंतरता सुनिश्चित की जाए तथा यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा विधिक बाधा हो तो उसका शीघ्र निराकरण कर पंचायत प्रतिनिधियों को राहत प्रदान की जाए।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने आशा व्यक्त की है कि मुख्यमंत्री पंचायत प्रतिनिधियों की इस न्यायोचित मांग पर संवेदनशीलतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेंगे, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा एवं मनोबल बना रहेगा।
