महान स्वतंत्रता सेनानी, विश्व मानवाधिकारों के अमर प्रहरी, लोकतंत्र एवं सामाजिक न्याय के महानायक, नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित भारत रत्न सदृश व्यक्तित्व श्रद्धेय नेल्सन मंडेला जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं शत्-शत् नमन।
नेल्सन मंडेला का जीवन अदम्य साहस, अटूट संकल्प, त्याग, क्षमा, करुणा और मानवीय गरिमा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अपने संघर्ष से यह सिद्ध किया कि सत्य, न्याय, समानता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए किया गया प्रत्येक प्रयास मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। 27 वर्षों का कारावास भी उनके संकल्प को डिगा नहीं सका; बल्कि उन्होंने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि घृणा पर प्रेम, अन्याय पर न्याय और विभाजन पर सद्भाव की विजय ही स्थायी शांति का मार्ग है।
आज आवश्यकता है कि हम उनके आदर्शों को केवल स्मरण ही न करें, बल्कि उन्हें अपने आचरण, सामाजिक जीवन और सार्वजनिक दायित्वों में भी आत्मसात करें। सामाजिक समरसता, लोकतांत्रिक मूल्यों, मानव गरिमा, सेवा, समान अवसर तथा अंतिम व्यक्ति के उत्थान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
आइए, नेल्सन मंडेला जी की जयंती पर हम सभी एक ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प लें, जहाँ न्याय, समानता, भाईचारा, मानवाधिकार और शांति प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार हों तथा सशक्त पंचायतों के माध्यम से समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।
नेल्सन मंडेला जी की जयंती पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
