पंचायती राज मंत्रालय ने जारी किया इंट्रा-विलेज रोड कोडिंग एवं ग्रेडिंग सिस्टम का मसौदा, आमजन से मांगे सुझाव
लखनऊ। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क परिसंपत्तियों को डिजिटल स्वरूप देने की दिशा में भारत सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। पंचायती राज मंत्रालय ने इंट्रा-विलेज रोड कोडिंग एवं ग्रेडिंग सिस्टम का मसौदा जन परामर्श के लिए जारी किया है। इस पर देशभर के नागरिकों, ग्राम पंचायतों, पंचायती राज संस्थाओं, विशेषज्ञों तथा अन्य हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रत्येक गाँव की सड़क को विशिष्ट नाम, यूनिक कोड और डिजिटल पहचान प्रदान की जाएगी। साथ ही सड़कों की ग्रेडिंग कर उनका वैज्ञानिक अभिलेखीकरण किया जाएगा। इससे ग्रामीण सड़क परिसंपत्तियों की पहचान, रखरखाव, योजना निर्माण और निगरानी अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी हो सकेगी।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि यह पहल ग्राम पंचायतों में डिजिटल एसेट मैनेजमेंट और सुशासन को नई दिशा देगी। प्रत्येक सड़क का प्रमाणिक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा योजनाओं के क्रियान्वयन और संसाधनों के उपयोग की बेहतर निगरानी संभव होगी।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. एभा पटेल ने कहा कि डिजिटल रोड कोडिंग व्यवस्था ग्राम पंचायतों के समग्र विकास की आधारशिला सिद्ध होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना की सटीक जानकारी उपलब्ध होगी और विकास योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक व्यवस्थित एवं परिणामकारी बनेगा।
राष्ट्रीय महासचिव राजमणि पाण्डेय ने कहा कि मंत्रालय द्वारा जन सुझाव आमंत्रित किया जाना स्वागतयोग्य कदम है। उन्होंने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासकों, जनप्रतिनिधियों एवं जागरूक नागरिकों से मसौदे का अध्ययन कर अपने सुझाव भेजने की अपील की, ताकि अंतिम नीति ग्रामीण भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जा सके।
राष्ट्रीय महासचिव ज्योति यादव ने कहा कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं, युवाओं और स्थानीय समुदाय की सहभागिता को भी बढ़ावा देगी। डिजिटल अभिलेखीकरण से ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास मजबूत होगा तथा विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होगी।
प्रदेश अध्यक्ष मनु यादव ने कहा कि प्रत्येक सड़क को डिजिटल पहचान मिलने से ग्रामीण सड़क नेटवर्क का बेहतर नियोजन, रखरखाव और मूल्यांकन संभव होगा। इससे ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने इस पहल का स्वागत करते हुए देशभर के पंचायत प्रतिनिधियों एवं नागरिकों से अपील की है कि वे मंत्रालय द्वारा जारी मसौदे का अध्ययन कर अपने सुझाव अवश्य भेजें, ताकि अंतिम नीति अधिक प्रभावी, व्यवहारिक और ग्रामीण भारत की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार हो सके।
