प्रयागराज , 13 जुलाई।
पंचायत चुनाव से संबंधित महत्वपूर्ण प्रकरण पर आज माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सुनवाई सम्पन्न हुई। सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उक्त विषय से संबंधित मामला पूर्व से ही माननीय डिवीजन बेंच के समक्ष विचाराधीन है। अतः वर्तमान याचिका पर इस चरण में विस्तृत सुनवाई किया जाना न्यायोचित नहीं होगा।
माननीय न्यायालय ने मामले को “List After Six Weeks” करते हुए छह सप्ताह बाद पुनः सूचीबद्ध करने का आदेश पारित किया है। डिवीजन बेंच द्वारा पारित होने वाले निर्णय के उपरांत ही इस प्रकरण में आगे की न्यायिक कार्यवाही की जाएगी।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय महासचिव राजमणि पाण्डेय, जिन्हें संगठन की ओर से इस प्रकरण हेतु अधिकृत किया गया है, ने बताया कि संगठन के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव मिश्रा एवं संदीप सिंह ने सुनवाई के उपरांत न्यायालय की कार्यवाही से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि संगठन विधिक पक्ष को पूरी गंभीरता एवं मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहा है तथा आगामी सुनवाई की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है।
इस अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि पंचायतें भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला हैं और पंचायत प्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा संगठन का सर्वोच्च दायित्व है। संगठन न्यायपालिका की गरिमा एवं संविधान की सर्वोच्चता में पूर्ण विश्वास रखता है तथा पंचायत प्रतिनिधियों के हितों की रक्षा के लिए प्रत्येक वैधानिक एवं लोकतांत्रिक मंच पर पूरी दृढ़ता, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक न्यायिक प्रकरण नहीं, बल्कि पंचायती राज संस्थाओं की गरिमा, लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा लाखों पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों से जुड़ा विषय है। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन पूरे प्रदेश में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मजबूती से खड़ा है और न्यायोचित समाधान प्राप्त होने तक संगठन की प्रभावी एवं तथ्यपरक कानूनी पैरवी निरंतर जारी रहेगी।
संगठन ने प्रदेश के सभी पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत प्रशासकों एवं पदाधिकारियों से संयम बनाए रखने, न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास रखने तथा संगठन के साथ एकजुट होकर अपने वैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित रहने का आह्वान किया है।
