पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार को ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने सौंपे सुझाव
नई दिल्ली। भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा जारी “इंट्रा-विलेज रोड कोडिंग एवं ग्रेडिंग सिस्टम” के मसौदे पर जन परामर्श के क्रम में ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने सोमवार को मंत्रालय को अपना विस्तृत सुझाव-पत्र प्रस्तुत किया।
उल्लेखनीय है कि मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी पहल के अंतर्गत देश के प्रत्येक गाँव की प्रत्येक सड़क को एक विशिष्ट नाम, यूनिक कोड एवं डिजिटल पहचान प्रदान किए जाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य ग्रामीण सड़क परिसंपत्तियों का वैज्ञानिक अभिलेखीकरण, प्रभावी प्रबंधन, पारदर्शी निगरानी तथा विकास कार्यों के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। मंत्रालय ने इस विषय पर देशभर के नागरिकों, पंचायती राज संस्थाओं, विशेषज्ञों एवं अन्य हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
इस अवसर पर श्री अवस्थी ने कहा कि यह पहल ग्रामीण भारत के आधारभूत ढाँचे को आधुनिक एवं तकनीक आधारित स्वरूप प्रदान करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। यदि प्रत्येक ग्रामीण सड़क को डिजिटल पहचान प्रदान कर उसे एकीकृत डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाता है, तो पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की योजना, क्रियान्वयन, निगरानी एवं सामाजिक उत्तरदायित्व और अधिक सुदृढ़ होंगे।
उन्होंने अपने सुझाव में कहा कि इस व्यवस्था को ई-ग्राम स्वराज, जीआईएस आधारित मैपिंग, ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से समन्वित किया जाए, ताकि प्रत्येक ग्राम पंचायत अपनी सड़क परिसंपत्तियों का अद्यतन एवं प्रमाणिक डिजिटल अभिलेख तैयार कर सके। साथ ही प्रत्येक सड़क पर उसका नाम एवं यूनिक कोड प्रदर्शित करने हेतु मानकीकृत सूचना पट्ट स्थापित किए जाएँ, जिससे आम नागरिकों एवं प्रशासन दोनों को सुविधा प्राप्त हो।
श्री अवस्थी ने कहा कि डिजिटल अभिलेखीकरण से सड़क निर्माण, अनुरक्षण, गुणवत्ता परीक्षण एवं वित्तीय पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। इससे विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी के साथ-साथ सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंचायती राज मंत्रालय विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों का समुचित परीक्षण कर ऐसी नीति को अंतिम रूप देगा, जो ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त, उत्तरदायी एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
श्री अवस्थी ने कहा कि ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन देशभर में पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण, ग्राम स्वशासन को प्रभावी बनाने तथा पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निरंतर रचनात्मक सुझाव एवं नीति-आधारित पहल करता रहा है। संगठन भविष्य में भी पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ग्राम पंचायतों के समग्र एवं सतत विकास से जुड़े विषयों पर अपने सकारात्मक सुझाव एवं सहयोग प्रदान करता रहेगा, ताकि “सशक्त संगठन – सशक्त पंचायत – समृद्ध ग्राम – विकसित भारत” के राष्ट्रीय संकल्प को प्रभावी रूप से साकार किया जा सके।
