13 जुलाई को ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी एवं राष्ट्रीय महासचिव राजमणी पाण्डेय विद्वान अधिवक्ता श्री राजीव मिश्रा एवं श्री संदीप सिंह के साथ माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेंगे संगठन का पक्ष
प्रयागराज। ग्राम पंचायत प्रशासकों के हितों एवं उनके वैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित रिट याचिका संख्या 23749/2026 में प्रशासकों के पक्ष में हस्तक्षेप करते हुए अपना समर्थन प्रस्तुत किया है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने बताया कि संगठन की ओर से वह स्वयं तथा राष्ट्रीय महासचिव राजमणि पांडेय प्रशासकों का पक्ष न्यायालय में रखेंगे। संगठन की ओर से अधिवक्ता राजीव मिश्रा एवं संदीप सिंह के माध्यम से विधिक एवं तथ्यात्मक तर्क प्रस्तुत किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि संगठन पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम पंचायत प्रशासकों के संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की निरंतरता, प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूती तथा ग्रामीण जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है।
श्री अवस्थी ने विश्वास जताया कि माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय संविधान और कानून के अनुरूप न्यायपूर्ण निर्णय देगा, जिससे प्रदेश के हजारों ग्राम पंचायत प्रशासकों के हितों की रक्षा होगी तथा पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
