पायलट के रूप में हवाई जहाज की कमान से लेकर ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी तक—फौलादपुर की ग्राम प्रधान मनु यादव बनीं ग्रामीण महिला नेतृत्व की प्रेरणादायी मिसाल
लखनऊ। महिला समानता दिवस के अवसर पर श्रीमती मनु यादव, ग्राम प्रधान फौलादपुर एवं प्रदेश अध्यक्ष, ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन, का जीवन यह संदेश देता है कि महिलाओं के लिए आसमान की ऊँचाइयों और गाँव की धरती के बीच कोई सीमा नहीं हो सकती। एक ओर उन्होंने पायलट के रूप में हवाई जहाज उड़ाकर आसमान को छुआ, तो दूसरी ओर ग्राम प्रधान के रूप में गाँव की पगडंडियों पर चलकर ग्रामीणों की सेवा और विकास को अपना दायित्व बनाया।
मनु यादव की कहानी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि की कहानी नहीं, बल्कि महिला समानता, आत्मविश्वास, नेतृत्व और अवसरों की समानता का जीवंत उदाहरण है। कॉकपिट में विमान की कमान संभालने वाली मनु यादव जब अपने गाँव की चौपाल पर ग्रामीणों के बीच पहुँचती हैं, तो उनके व्यक्तित्व में आधुनिक भारत की उस महिला की तस्वीर दिखाई देती है, जो अपने सपनों को पूरा करने के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी पूरी करना जानती है।
कॉकपिट से चौपाल तक—जिम्मेदारी का एक ही भाव
हवाई जहाज उड़ाने के लिए जिस अनुशासन, निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की आवश्यकता होती है, वही गुण ग्राम पंचायत के नेतृत्व में भी दिखाई देते हैं। मनु यादव के लिए दोनों भूमिकाओं का मूल मंत्र एक ही है—जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाना।
वह मानती हैं कि महिला को किसी एक भूमिका तक सीमित नहीं किया जा सकता। वह पायलट भी बन सकती है, जनप्रतिनिधि भी, नेतृत्वकर्ता भी और समाज के विकास की मजबूत आधारशिला भी।
फौलादपुर को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प
ग्राम प्रधान के रूप में मनु यादव का लक्ष्य फौलादपुर को केवल एक बेहतर गाँव बनाना नहीं, बल्कि उसे आत्मनिर्भर, स्वच्छ, स्वस्थ, शिक्षित, समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ती आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करना है।
LSDGs की 9 थीम्स के अनुरूप ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आजीविका और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने का उनका संकल्प इस बात का प्रतीक है कि महिला नेतृत्व गाँव की विकास यात्रा को नई दिशा दे सकता है।
“मेरी उड़ान आसमान तक है, लेकिन मेरी जड़ें गाँव की मिट्टी में हैं”
महिला समानता दिवस पर मनु यादव का संदेश बेहद भावनात्मक और प्रेरणादायी है—
“मैंने आसमान में उड़ना सीखा है, लेकिन अपनी मिट्टी से जुड़ना कभी नहीं छोड़ा। मेरे लिए पायलट की उड़ान मेरे सपनों की पहचान है और ग्राम प्रधान के रूप में गाँव की सेवा मेरे जीवन का दायित्व। मेरा विश्वास है कि जब महिलाओं को समान अवसर और विश्वास मिलता है, तो वे अपने परिवार, गाँव और पूरे समाज की दिशा बदल सकती हैं।”
विवेक चन्द्र अवस्थी ने की सराहना
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने महिला समानता दिवस पर मनु यादव के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “मनु यादव का जीवन यह साबित करता है कि महिला सशक्तिकरण केवल भाषण का विषय नहीं, बल्कि अवसर, नेतृत्व और जिम्मेदारी को वास्तविक रूप देने का नाम है। पायलट के रूप में आसमान की ऊँचाइयों को छूने के बाद ग्राम प्रधान के रूप में गाँव की सेवा करना महिला नेतृत्व की एक प्रेरक मिसाल है।”
उन्होंने कहा कि ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन पंचायतों में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी और नेतृत्व को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन में शीर्ष स्तर पर 50 प्रतिशत महिलाओं को प्राथमिकता देने का संकल्प इसी सोच का हिस्सा है कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की बराबर और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो।
एक उड़ान आसमान की, दूसरी बदलाव की
महिला समानता दिवस पर मनु यादव की यात्रा एक महत्वपूर्ण संदेश देती है—महिला की उड़ान की कोई सीमा नहीं होती।
वह आसमान में विमान उड़ा सकती है और उसी आत्मविश्वास के साथ गाँव की पगडंडी पर चलकर विकास की नई राह भी बना सकती है।
कॉकपिट से ग्राम पंचायत की चौपाल तक मनु यादव का सफर इस विश्वास की कहानी है कि जब महिला को अवसर मिलता है, तो वह केवल अपनी जिंदगी नहीं बदलती—वह पूरे समाज की दिशा बदलने की क्षमता रखती है।
