ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने किया स्वागत, विवेक चन्द्र अवस्थी ने ग्रामीणों से विकास में सहभागी बनने की अपील
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की मातृभूमि योजना ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में जनसहभागिता को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से अपने गाँव से जुड़े नागरिक एवं प्रवासी नागरिक गाँव के विकास कार्यों में आर्थिक सहयोग देकर सड़क, पेयजल, विद्यालय, सामुदायिक भवन, सोलर लाइट तथा तालाब एवं जल संरक्षण जैसी आवश्यक सुविधाओं के विकास में सहभागी बन सकते हैं।

योजना दर्शाए गए प्रावधान के अनुसार विकास कार्यों में 60 प्रतिशत जनसहयोग तथा 40 प्रतिशत राज्य सरकार का सहयोगरहेगा। इस प्रकार सरकार और समाज की साझेदारी से गाँवों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने मातृभूमि योजना का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार के साथ समाज और प्रवासी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण विकास को नई दिशा मिल सकती है। 60 प्रतिशत जनसहयोग और 40 प्रतिशत राज्य सरकार की सहभागिता विकास के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करती है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा, “मातृभूमि योजना केवल विकास कार्यों की योजना नहीं, बल्कि अपनी मातृभूमि और अपने गाँव से जुड़ने का एक अवसर है। 60 प्रतिशत जनसहयोग और 40 प्रतिशत राज्य सरकार के सहयोग से गाँवों में विकास की नई संभावनाओं को मजबूत आधार मिल सकता है।”
उन्होंने कहा कि “सशक्त संगठन, सशक्त पंचायत और सतत विकास” की भावना को धरातल पर उतारने के लिए पंचायतों में जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। गाँव के लोगों, जनप्रतिनिधियों, प्रवासी नागरिकों और प्रशासन के समन्वित प्रयास से विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने ग्रामीणों एवं प्रवासी नागरिकों से अपील करते हुए कहा, “आइए, अपनी मातृभूमि से जुड़ें, अपने गाँव के विकास में साझेदार बनें और मिलकर अपने गाँव को सुविधाओं से समृद्ध, स्वच्छ एवं आत्मनिर्भर बनाएं। जनसहयोग से मजबूत पंचायत और मजबूत पंचायत से समृद्ध गाँव का निर्माण संभव है।”
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने मातृभूमि योजना के प्रति व्यापक जनजागरूकता बढ़ाने तथा पंचायत स्तर पर पात्र विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
