ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने बताया- जनभागीदारी और पारदर्शिता से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प
लखनऊ, 24 जुलाई।
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित करने के उद्देश्य से विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत हर वर्ष अपनी वार्षिक कार्य योजना तैयार करेगी। यह योजना ग्राम सभा की प्राथमिकताओं, स्थानीय आवश्यकताओं तथा उपलब्ध संसाधनों के आधार पर बनाई जाएगी, जिससे विकास कार्यों का चयन आवश्यकता के अनुरूप और जनहित में हो सकेगा।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने इस व्यवस्था का स्वागत करते हुए कहा कि इससे ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा ग्राम सभा की भूमिका और अधिक प्रभावी होगी। संगठन का मानना है कि स्थानीय स्तर पर लोगों की सहभागिता से तैयार योजनाएं ग्रामीण विकास को नई दिशा देंगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि “सही योजना, सही प्राथमिकता और जनभागीदारी के साथ ही विकसित ग्राम पंचायत और विकसित भारत का लक्ष्य साकार होगा।” उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से अपील की कि वे ग्राम सभा की बैठकों में सक्रिय भागीदारी कर अपने गांव की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करें, ताकि प्रत्येक ग्राम पंचायत समग्र एवं सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ सके।
