फर्रुखाबाद । ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा है कि पंचायत प्रतिनिधियों को भ्रमित करने या केवल दूर बैठकर सलाह देने के बजाय उनकी भौगोलिक, सामाजिक एवं स्थानीय परिस्थितियों को समझते हुए उनके बीच जाकर सहयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत की समस्याएँ और चुनौतियाँ अलग-अलग होती हैं। इसलिए पंचायत प्रतिनिधियों के हितों की रक्षा के लिए जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी प्रयास करना अधिक आवश्यक है।
श्री अवस्थी ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा केवल राजधानी में बैठकर नहीं की जा सकती। अनेक संघर्ष ऐसे होते हैं जिनका समाधान संबंधित जनपद, विकासखंड तथा ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासन से समन्वय स्थापित कर ही संभव होता है। इसलिए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद, सहयोग एवं सहभागिता समय की आवश्यकता है।
उन्होंने सभी सामाजिक एवं पंचायत हितैषी संगठनों से आह्वान किया कि वे पंचायत प्रतिनिधियों को गुमराह करने के बजाय उनके बीच जाकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझें तथा उनके समाधान के लिए रचनात्मक भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि मजबूत पंचायतें ही सशक्त ग्रामीण भारत की आधारशिला हैं और पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मान एवं सहयोग प्रत्येक जनप्रतिनिधि तथा सामाजिक संगठन की प्राथमिकता होना चाहिए।
