ग्राम सभा की भागीदारी से तैयार होगी गुणवत्तापूर्ण वार्षिक कार्ययोजना-विवेक चन्द्र अवस्थी
लखनऊ। ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास योजना (GPDP) की तैयारी को लेकर प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए स्थानीय आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के आधार पर गुणवत्तापूर्ण वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया है।
कार्ययोजना तैयार करते समय गांव की मूलभूत सुविधाओं, पेयजल, स्वच्छता, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला एवं बाल विकास तथा अन्य ग्रामीण विकास संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता देने की अपेक्षा की गई है। ग्राम सभा में प्रस्तावों पर चर्चा कर कार्यों की प्राथमिकता तय करने के साथ पारदर्शी तरीके से योजना तैयार करने पर भी विशेष जोर है।
तैयार पंचायत विकास योजना को eGramSwaraj Portal पर समयबद्ध तरीके से अपलोड करना सुनिश्चित किया जाना है। इसके लिए 15 अगस्त 2026 अंतिम तिथि निर्धारित है। ऐसे में ग्राम पंचायतों को शेष प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की जरूरत है।
पंचायत विकास योजना केवल औपचारिक दस्तावेज न रहकर गांव की वास्तविक जरूरतों का रोडमैप बने, इसके लिए ग्राम सभा की सहभागिता महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों और प्राथमिकताओं को योजना में शामिल कर विकास कार्यों का चयन किया जाना चाहिए।
पंचायत स्तर पर योजना तैयार करने से लेकर अनुमोदन और पोर्टल पर अपलोड करने तक की प्रक्रिया समय से पूरी करने की अपील की गई है। 15 अगस्त 2026 की समय सीमा को देखते हुए ग्राम पंचायतों को अपनी वार्षिक कार्ययोजना के लंबित कार्य तत्काल पूरे करने होंगे।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने भी ग्राम पंचायतों से अपील की है कि वे ग्राम सभा की व्यापक भागीदारी के साथ पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और जनहित आधारित पंचायत विकास योजना तैयार करें तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर eGramSwaraj Portal पर अपलोड सुनिश्चित करें।
