प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों को भूमि उपलब्ध कराने की पहल का ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने किया स्वागत
लखनऊ। हर पात्र परिवार को सुरक्षित, स्थायी और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत चयनित ऐसे पात्र परिवार, जिनके पास स्वयं की भूमि उपलब्ध नहीं है, उन्हें राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराकर आवास निर्माण सुनिश्चित कराने की पहल की जा रही है।
इस व्यवस्था से आर्थिक रूप से कमजोर और भूमिहीन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। भूमि के अभाव में अब किसी पात्र परिवार का पक्के आवास का सपना अधूरा न रहे, इसके लिए आवास योजना के साथ भूमि उपलब्ध कराने की व्यवस्था को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भूमिहीन पात्र परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने की पहल केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। इससे परिवारों को स्थायी आवास, सामाजिक सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन का आधार मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब एवं वंचित परिवारों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि किसी भी पात्र परिवार को केवल भूमि के अभाव में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे पात्र एवं भूमिहीन परिवारों की पहचान कर उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से रखें, ताकि पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार भूमि और आवास योजना का लाभ मिल सके।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण परिवारों के हितों से जुड़े विषयों को निरंतर प्रभावी मंच पर उठाता रहेगा। संगठन का उद्देश्य है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
उन्होंने कहा कि हर पात्र परिवार का अपना पक्का घर केवल एक सरकारी योजना का लक्ष्य नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य से जुड़ा अधिकार है।
