ओएसआर बढ़ाने के लिए जनभागीदारी का आह्वान, आर्थिक रूप से सशक्त पंचायत ही विकसित भारत की मजबूत नींव
लखनऊ। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा है कि ग्राम पंचायतों की स्वयं की आय (Own Source Revenue–OSR) में वृद्धि ग्रामीण विकास को गति देने की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। उनका कहना है कि जब पंचायतें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती हैं, तब गाँवों में विकास कार्य केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रहते, बल्कि तेज़ी से धरातल पर दिखाई देने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि पंचायत की अपनी आय बढ़ने से स्वच्छता, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिसंपत्तियों का रखरखाव, डिजिटल सेवाओं का विस्तार तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन संभव होता है। इससे ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएँ मिलती हैं और गाँव समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ते हैं।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि अब समय आ गया है कि ग्राम पंचायतें केवल सरकारी अनुदानों पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, पंचायत परिसंपत्तियों के प्रभावी उपयोग, कर एवं शुल्क के पारदर्शी संग्रह तथा जनभागीदारी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें। आर्थिक रूप से सशक्त पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप स्वतंत्र रूप से विकास योजनाएँ संचालित करने में अधिक सक्षम होती हैं।
उन्होंने प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत अधिकारियों और ग्रामीण नागरिकों से पंचायत की खुद की आय (OSR) बढ़ाने के लिए जनजागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंचायत की आर्थिक मजबूती केवल राजस्व बढ़ाने का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता, सुशासन और सतत विकास की आधारशिला है।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा, “जब पंचायत की आय बढ़ती है, तब विकास की रफ्तार स्वयं तेज हो जाती है। बेहतर जनसेवाएँ, स्वच्छ वातावरण, मजबूत आधारभूत सुविधाएँ, गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाएँ और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट दिखाई देता है। आइए, हम सभी मिलकर अपनी पंचायत की आर्थिक ताकत बढ़ाएँ और समृद्ध, सशक्त, स्वच्छ एवं आत्मनिर्भर गाँवों के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंचायतों की वित्तीय आत्मनिर्भरता का यह अभियान ग्रामीण भारत को विकास के नए आयाम देगा तथा प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प और उत्तर प्रदेश सरकार के ‘समृद्ध ग्राम–समृद्ध प्रदेश’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
“आइए, मिलकर अपनी पंचायत की आर्थिक ताकत बढ़ाएँ। पंचायत की खुद की आय (OSR) बढ़ाकर समृद्ध, सशक्त, स्वच्छ और आत्मनिर्भर गाँव का निर्माण करें। आर्थिक रूप से मजबूत पंचायत ही विकसित पंचायत और विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है।”
