लखनऊ, 05 जुलाई 2026।
भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे की आधारशिला ग्राम पंचायतों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन द्वारा राष्ट्रव्यापी जनजागरण एवं संगठन विस्तार अभियान को और अधिक गति प्रदान की जा रही है। संगठन का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं जागरूक नागरिकों को एक मंच पर संगठित कर ग्राम स्वराज की भावना को साकार करना तथा ग्रामीण विकास को नई दिशा देना है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि संविधान के 73वें संशोधन की मूल भावना तभी पूर्ण रूप से साकार होगी, जब ग्राम पंचायतों को अधिकारों के साथ-साथ संसाधन, प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं जनसहभागिता का प्रभावी वातावरण प्राप्त होगा। पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय एवं जनकल्याण के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित किया जाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास, डिजिटल सशक्तिकरण, महिला नेतृत्व, युवा सहभागिता, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा पारदर्शी एवं उत्तरदायी पंचायत व्यवस्था के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। संगठन का प्रयास है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत विकास, सुशासन एवं जनसेवा का आदर्श मॉडल बने।
श्री अवस्थी ने देशभर के ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों तथा युवाओं से संगठन के सदस्य बनकर इस जनआंदोलन को सशक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठित पंचायतें ही विकसित ग्रामीण भारत का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
उन्होंने कहा कि संगठन का संकल्प है कि प्रत्येक पंचायत को सूचना, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं संगठनात्मक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओ का लाभ पहुँचे।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन का विश्वास है कि—
“सशक्त संगठन – सशक्त पंचायत – सतत् विकास”
आइए, पंचायत सशक्तिकरण के इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें।
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