लखनऊ/कानपुर। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने सहकारिता आंदोलन से जुड़े सभी किसानों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं एवं नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि विश्वास, सहभागिता और सामूहिक उत्थान की वह सशक्त भावना है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुँचाने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति “मैं” से ऊपर उठकर “हम” के भाव से कार्य करता है, तभी समृद्ध ग्राम, सशक्त समाज और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण संभव हो पाता है।
उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल उद्देश्य सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आर्थिक, सामाजिक एवं मानवीय विकास को गति प्रदान करना है। सहकारिता आंदोलन ने किसानों, श्रमिकों, महिलाओं तथा युवाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
श्री अवस्थी ने आह्वान किया कि सहयोग, समर्पण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक सुदृढ़ करते हुए “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाया जाए तथा समावेशी विकास एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि सहकारिता की भावना ही ग्राम विकास, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्र निर्माण का आधार है।
अंत में उन्होंने कहा, “जहाँ सहयोग की भावना होती है, वहाँ समृद्धि स्वयं मार्ग खोज लेती है।”
