ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने कार्यप्रक्रिया सरलीकरण, प्रशासकों के सम्मान और अतिवृष्टि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग उठाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कार्यरत प्रशासकों की समस्याओं को लेकर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने मुख्यमंत्री को प्रत्यावेदन भेजा है। संगठन ने मानदेय और पुराने देयों के शीघ्र निस्तारण के साथ पंचायतों में नए कार्यों की प्रक्रिया सरल बनाने, प्रशासकों को प्रशासनिक स्तर पर उचित सम्मान देने तथा अत्यधिक वर्षा से प्रभावित परिवारों को आवासीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि ग्राम पंचायत प्रशासक ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं और पंचायत व्यवस्थाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनके वित्तीय दावों का समयबद्ध निस्तारण आवश्यक है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
प्रत्यावेदन में पंचायतों से जुड़े विकास एवं जनहित के कार्यों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने पर जोर दिया गया है। संगठन के अनुसार, अनावश्यक जटिलताओं के कारण विकास कार्यों में देरी होती है और ग्रामीण जनता को योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रशासकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार तथा बेहतर समन्वय बनाए रखने की अपेक्षा की गई है।
अत्यधिक वर्षा से प्रभावित परिवारों के लिए आवासीय सहायता की मांग
संगठन ने प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराने की मांग की है। क्षतिग्रस्त मकानों और प्रभावित परिवारों का आकलन कर पात्र लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ देने की अपील की गई है, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा, “ग्राम पंचायत प्रशासक ग्रामीण शासनव्यवस्था की जमीनी कड़ी हैं। उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान, पंचायत कार्यों की सरल प्रक्रिया और प्रशासनिक स्तर परसम्मानजनक समन्वय आवश्यक है। इसी तरह अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों का निष्पक्ष सर्वे कर उन्हें आवासीय सहायता उपलब्धकराई जानी चाहिए। हमारा उद्देश्य पंचायत स्तर पर कार्यरत लोगों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाकर ग्रामीण विकास औरजनहित की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।”
संगठन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि प्रत्यावेदन में उठाए गए बिंदुओं पर संबंधित विभागों और अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
