कानपुर जिले के भदरस गाँव में प्राचीन ठाकुरद्वारा से वर्ष 2008 में चोरी हुई थी अष्टधातु की प्रतिमा, बरामदगी के बाद भी नहीं हो सकी विधिवत पुनर्स्थापना

कानपुर। कानपुर जनपद के ग्राम भद्रपुर भदरस स्थित श्री राधा-कृष्ण जी के प्राचीन मंदिर (ठाकुरद्वारा) से वर्ष 2008 में राधा रानी की अष्टधातु की मूर्ति सहित अन्य छोटी प्रतिमाएं चोरी हो गई थीं। प्रशासन और पुलिस के प्रयासों से चोरी गई मूर्तियां बरामद कर ली गईं, लेकिन बरामदगी के 18 वर्ष बाद भी कानूनी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण राधा रानी की प्रतिमा अपने मूल मंदिर में वापस नहीं आ सकी है।

बताया जाता है कि बरामद प्रतिमाएं पिछले 18 वर्षों से सरकारी मालखाने में बंद हैं। इस दौरान प्रतिमाओं की नियमित पूजा-अर्चना, धूप-दीप और भोग-राग भी नहीं हो पा रहा है। लंबे समय से चली आ रही यह स्थिति श्रद्धालुओं के लिए गहरी पीड़ा और चिंता का विषय बनी हुई है।
“18 वर्षों की प्रतीक्षा अब समाप्त होनी चाहिए” — विवेक चन्द्र अवस्थी

ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री बिहारी जी विराजमान मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट मड़ेपुर के मुख्य ट्रस्टी एवं सरवराहकार श्री विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि राधा रानी की प्रतिमा का 18 वर्षों से सरकारी मालखाने में बंद रहना अत्यंत पीड़ादायक और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है।

उन्होंने कहा कि “राधा रानी की प्रतिमा केवल धातु की प्रतिमा नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक है। 18 वर्षों से अपने आराध्य के दर्शन और विधिवत पूजा-अर्चना से वंचित श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए इस मामले का शीघ्र समाधान होना चाहिए।”
श्री अवस्थी ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की कि सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराकर राधा रानी की अष्टधातु प्रतिमा सहित अन्य बरामद प्रतिमाओं को उनके मूल मंदिर में विधि-विधान से पुनः स्थापित कराने की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि “राधा रानी की अपने मूल स्थान पर वापसी केवल प्रतिमा की वापसी नहीं होगी, बल्कि 18 वर्षों से चली आ रही प्रतीक्षा का अंत और हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर की पुनर्स्थापना होगी।”
श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि प्रशासन इस संवेदनशील धार्मिक एवं आस्था से जुड़े प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करेगा और राधा रानी पुनः अपने मूल मंदिर में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगी।
कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्
भक्ति, प्रेम एवं धर्म के शाश्वत आलोक, वासुदेव भगवान श्रीकृष्ण जी के पावन अवतरण दिवस ‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ की सभी प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं।
भक्तवत्सल भगवान श्रीकृष्ण की असीम कृपा से सभी के जीवन में प्रेम, करुणा, धर्म एवं निष्काम कर्म के आदर्श प्रतिष्ठित हों तथा चराचर जगत में सुख, शांति, समृद्धि व लोकमंगल का विस्तार हो, यही प्रार्थना है।
जय श्रीकृष्ण!
