ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को सौंपी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के पर्यवेक्षण का दायित्व

लखनऊ । राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत समिति एवं जिला परिषद के आम चुनावों को लेकर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निर्धारित की है। संगठन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका तिवारी को राजस्थान राज्य के लिए “राज्य चुनाव पर्यवेक्षक” नियुक्त किया गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने इस संबंध में अधिकृत नियुक्ति आदेश जारी किया।

राज्य चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में प्रियंका तिवारी निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान संगठन की ओर से चुनाव व्यवस्था का निष्पक्ष पर्यवेक्षण करेंगी। वे निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थिति का अवलोकन करने के साथ पंचायत प्रतिनिधियों और मतदाताओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों का संज्ञान लेंगी।

निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाले किसी महत्वपूर्ण तथ्य, विषय अथवा शिकायत को संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय तक पहुंचाने के साथ प्रत्येक चरण के उपरांत संक्षिप्त पर्यवेक्षण प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया जाएगा।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह दायित्व राज्य निर्वाचन आयोग के वैधानिक अधिकार क्षेत्र एवं निर्देशों के पूर्ण सम्मान के साथ निर्वहन किया जाएगा। संगठन की भूमिका निर्वाचन प्रक्रिया में हस्तक्षेप की नहीं, बल्कि पर्यवेक्षण, लोकतांत्रिक जागरूकता और पंचायतीराज व्यवस्था के मूल्यों को सुदृढ़ करने तक सीमित रहेगी।
राजस्थान में पंचायत समिति एवं जिला परिषद चुनावों के लिए मतदान 22 अक्टूबर, 28 अक्टूबर, 3 नवंबर एवं 13 नवंबर 2026 को चार चरणों में प्रस्तावित है। प्रियंका तिवारी की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रभावी रहेगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि सशक्त पंचायतीराज व्यवस्था के लिए निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनभागीदारी लोकतंत्र की आधारशिला हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रियंका तिवारी अपने अनुभव, दायित्वबोध और निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का गरिमापूर्ण निर्वहन करेंगी तथा राजस्थान में पंचायतीराज व्यवस्था की लोकतांत्रिक भावना को और मजबूत करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
