लखनऊ,ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने पंचायत रत्न-2026 सम्मान के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न मंडलों और अन्य राज्यों से चयनित नामों की प्रारंभिक सूची जारी की है। संगठन के अनुसार, पंचायत स्तर पर जनसेवा, ग्रामीण विकास और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मान के लिए चुना गया है। हालांकि, कई मंडलों और राज्यों में चयन प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए यह सूची अंतिम नहीं है। सभी नाम प्राप्त होने के बाद सम्मान की अंतिम सूची अलग से जारी की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के चयनित नाम
अलीगढ़ से प्रियंका तिवारी (राजापुर, हाथरस), आजमगढ़ से मो. असलम खान (बीनापारा, आजमगढ़) और बस्ती से मनोज कुमार साहनी (हथिवरताल, सिद्धार्थ नगर) का चयन किया गया है।
झांसी मंडल से अनुज द्विवेदी (नागर बमौर, झांसी) और बबली गौतम (जालौन) शामिल हैं। कानपुर मंडल से पावनी मिश्रा, मुदमंगल सिंह, डॉ. अनामिका, मुसरत खान और सपना चतुर्वेदी का चयन हुआ है।
लखनऊ मंडल से सुस्पेंद्र सिंह, अखिलेश सिंह यादव और नगमा; मेरठ से मो. इकबाल; मुरादाबाद से शौबीर सिंह और मनु यादव; प्रयागराज से राधा वर्मा; सहारनपुर से पवित्र गाँव; वाराणसी से ज्योति यादव और मिर्जापुर से राजमणी पाण्डेय का नाम सूची में शामिल है।
आगरा ,अयोध्या, बरेली, चित्रकूट, देवीपाटन और गोरखपुर मंडलों के नाम अभी लंबित हैं। इन मंडलों में चयन प्रक्रिया जारी है और नाम प्राप्त होने के बाद उन्हें अंतिम सूची में शामिल किया जाएगा।
अन्य राज्यों से चयन
हिमाचल प्रदेश से विकी वनीता कुमारी, मध्य प्रदेश से राजवीर सिंह तोमर, राजस्थान से जुझार सिंह गुर्जर, गुजरात से धर्मेंद्र के. हेजम और महाराष्ट्र से पद्मश्री पवार पोपटराव भागुजी का चयन किया गया है।
उत्तराखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, पंजाब सहित अन्य राज्यों में भी चयन प्रक्रिया अभी जारी है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि सभी राज्यों और प्रदेशों से नाम प्राप्त होने के बाद ही पंचायत रत्न-2026 सम्मान की अंतिम सूची जारी की जाएगी। वर्तमान सूची को प्रारंभिक सूची माना जाए और इसमें आगे नए नाम जोड़े जा सकते हैं।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने चयनित व्यक्तियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सम्मान का उद्देश्य पंचायत स्तर पर बेहतर कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करना तथा ग्रामीण विकास में उनके योगदान को पहचान दिलाना है।
