विश्व जल निगरानी दिवस पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जल संरक्षण को लेकर किया जनजागरूकता का आह्वान
नई दिल्ली । विश्व जल निगरानी दिवस के अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने देशवासियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीण समाज से जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि विश्व जल निगरानी दिवस केवल जल की महत्ता को समझने का अवसर नहीं, बल्कि जल की सुरक्षा, गुणवत्ता और संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प लेने का दिन है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन की आधारशिला है। जल के बिना मानव जीवन, कृषि, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की कल्पना नहीं की जा सकती।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि आज अनेक क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर घट रहा है, तालाबों और पारंपरिक जलस्रोतों पर संकट बढ़ रहा है तथा भूजल के अत्यधिक दोहन से जलस्तर प्रभावित हो रहा है। यह स्थिति आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि जल संकट से निपटने के लिए केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि ग्राम पंचायतों, स्थानीय समुदायों और प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर वर्षा जल संचयन, तालाबों एवं कुओं का संरक्षण, जलस्रोतों की नियमित निगरानी, जल प्रदूषण की रोकथाम तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग को प्राथमिकता दी जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार कर उसे जनभागीदारी के साथ लागू करे।
उन्होंने कहा कि “एक-एक बूंद बचाना, वर्षा जल को संचित करना और नदियों-तालाबों को प्रदूषण मुक्त रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।” जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने की आवश्यकता है।
अंत में उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि विश्व जल निगरानी दिवस पर सभी मिलकर संकल्प लें कि जल की प्रत्येक बूंद का सम्मान करेंगे और स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्याप्त जल आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करेंगे।
“पानी बचाओ – जीवन बचाओ,
जल बचाओ – भविष्य बचाओ।”
