ग्राम प्रधानों के मानदेय में भी सम्मानजनक वृद्धि करे सरकार : ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन
पंचायत सहायकों की नियमित उपस्थिति, कार्यदायित्व और गुणवत्तापूर्ण जनसेवा की निगरानी की उठाई मांग

नई दिल्ली । पंचायत सहायकों के मानदेय में ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 किए जाने के निर्णय/प्रस्ताव पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मानदेय में वृद्धि के साथ पंचायत सहायकों की जिम्मेदारी, नियमित उपस्थिति, कार्य की गुणवत्ता और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

श्री अवस्थी ने कहा कि पंचायत सहायक ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए मानदेय बढ़ाने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पंचायत भवन में उनकी नियमित उपस्थिति हो तथा ग्रामीण जनता को निर्धारित सेवाएं समयबद्ध और प्रभावी ढंग से उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि संगठन के पास लगातार ऐसी शिकायतें आती रही हैं कि अनेक ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की पंचायत भवन में उपस्थिति अपेक्षित स्तर की नहीं रहती। आम ग्रामीणों के अनेक कार्य जनप्रतिनिधियों एवं अन्य माध्यमों से कराने पड़ते हैं। ऐसी स्थिति में केवल मानदेय बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि काम के प्रति उत्तरदायित्व तय करना भी आवश्यक है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सरकार पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ा रही है तो उन्हें उनकी जिम्मेदारियों और गुणवत्तापूर्ण कार्य के प्रति भी प्रशिक्षित करे। पंचायत भवन को ग्रामीणों के लिए प्रभावी जनसेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए और पंचायत सहायक की उपस्थिति एवं कार्यों की नियमित समीक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों को ग्राम प्रधान एवं पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय और सहयोग की भावना से कार्य करना चाहिए। पंचायत प्रतिनिधियों के साथ प्रतिकूल कार्यप्रणाली की शिकायतों पर भी शासन स्तर से गंभीरता से संज्ञान लिया जाना चाहिए।
श्री अवस्थी ने कहा कि ग्राम प्रधान जनता द्वारा निर्वाचित प्रमुख पंचायत प्रतिनिधि हैं। ग्राम पंचायत के विकास, जनसेवा और स्थानीय प्रशासन में उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसलिए सरकार को पंचायत सहायकों के मानदेय में वृद्धि के साथ-साथ ग्राम प्रधानों के मानदेय में भी सम्मानजनक एवं समयानुकूल वृद्धि करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की मांग है कि पंचायत सहायकों के मानदेय में वृद्धि के साथ कार्यदायित्व, उपस्थिति, सेवा गुणवत्ता, प्रशिक्षण और जवाबदेही की स्पष्ट व्यवस्था लागू की जाए, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो और ग्रामीण जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
