नई दिल्ली। हिंदी साहित्य के आधुनिक युग के प्रवर्तक, महान साहित्यकार एवं पत्रकार भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने उनके साहित्यिक और सामाजिक योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि भारतेंदु हरिश्चंद्र ने हिंदी भाषा और साहित्य को नई दिशा देने के साथ सामाजिक चेतना एवं राष्ट्रीय भावना को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनकी लेखनी आज भी समाज को जागरूक करने और राष्ट्रहित के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा देती है। हिंदी साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
उन्होंने कहा कि भारतेंदु हरिश्चंद्र की रचनाओं में तत्कालीन समाज की परिस्थितियों, देशप्रेम और जनजागरण की स्पष्ट अभिव्यक्ति दिखाई देती है। ‘अंधेर नगरी’ और ‘भारत दुर्दशा’ जैसी उनकी कृतियां हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा में आज भी महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने कहा कि भारतेंदु का जीवन और साहित्य नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देता है। उनकी जयंती हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है।
संगठन ने देशवासियों से भारतेंदु हरिश्चंद्र के विचारों एवं साहित्य को पढ़ने और उनके संदेश को जनजागरण से जोड़ने का आह्वान किया।
