ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने किया स्वागत, विवेक चन्द्र अवस्थी ने ग्रामीणों से सक्रिय भागीदारी की अपील
लखनऊ। ग्राम चौपाल ग्रामीणों और प्रशासन को एक मंच पर लाकर गाँव की वास्तविक समस्याओं को समझने, उनके त्वरित समाधान तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। चौपाल के माध्यम से ग्रामीण अपनी समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझावों को सीधे प्रशासन के समक्ष रखते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर समाधान की प्रक्रिया को गति मिलती है।

ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ग्राम चौपाल की इस पहल का स्वागत करता है। संगठन का मानना है कि गाँव के विकास की सही दिशा तभी तय हो सकती है, जब ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों और स्थानीय परिस्थितियों को प्राथमिकता दी जाए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि ग्राम चौपाल केवल समस्याओं को सुनने का मंच नहीं, बल्कि जनभागीदारी, जवाबदेही और समावेशी ग्रामीण विकास को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच निरंतर संवाद से विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक नेतृत्व और युवाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देकर गाँवों के विकास को नई गति दी जा सकती है। युवाओं को स्थानीय विकास की योजनाओं से जोड़ना, ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ाना और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना सशक्त एवं आत्मनिर्भर पंचायतों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने प्रशासन एवं ग्रामीणों से ग्राम चौपालों को और अधिक प्रभावी, नियमित एवं परिणामोन्मुख बनाने का आह्वान किया, ताकि गाँव की समस्याओं का समाधान गाँव के स्तर पर संवाद और सहभागिता के माध्यम से सुनिश्चित हो सके।
