स्वच्छता, श्रमदान और जनभागीदारी से बदली गांव के प्रमुख रास्तों की तस्वीर

नागिलागाँव, चाक पपरिया/माझेड़ा (उत्तराखंड)। ग्राम पंचायत नागिलागाँव में स्वच्छता, श्रमदान और जनभागीदारी की प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। ग्राम प्रधान श्री महिपाल राम के नेतृत्व में गांव के वर्षों से उपेक्षित पड़े सार्वजनिक पैदल मार्गों की साफ-सफाई एवं झाड़ी कटान का कार्य ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के सहयोग से कराया गया।
कई वर्षों से झाड़ियों, घास तथा पेड़ों से ढके इन सार्वजनिक रास्तों के कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं एवं अन्य ग्रामीणों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। यही मार्ग ग्रामीणों के लिए स्कूल, बाजार एवं स्टेशन तक पहुंचने का प्रमुख दैनिक मार्ग है।
ग्राम प्रधान श्री महिपाल राम ने बताया कि रास्तों की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों के सहयोग से श्रमदान के माध्यम से इनके जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने भी आगे बढ़कर हाथों में दरांती और कुदाल लेकर सफाई कार्य में सक्रिय भागीदारी की। सामूहिक प्रयास से रास्तों से झाड़ियों एवं अनावश्यक वनस्पतियों को हटाकर उन्हें आवागमन के लिए सुगम बनाया गया।
ग्राम प्रधान ने कहा, “हमारा लक्ष्य सशक्त संगठन, सशक्त पंचायत और स्वच्छ समाज का निर्माण करना है। गांव की हर समस्या का समाधान जनसहयोग से ही संभव है। जब ग्रामीण स्वयं विकास कार्यों में भागीदारी करते हैं, तो पंचायत के प्रयासों को नई शक्ति मिलती है।”
ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सार्वजनिक मार्गों के साफ होने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित सभी ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इस दौरान महिला समूह की सदस्यों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत नागिलागाँव का यह प्रयास स्वच्छता, श्रमदान और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से ग्रामीण विकास की दिशा में एक अनुकरणीय पहल माना जा रहा है।
