केरल, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत, सांस्कृतिक वैभव और विकास यात्रा को किया नमन: State Formation Day in India

नई दिल्ली, 1 नवंबर। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने आज 1 नवंबर को स्थापना दिवस (State Formation Day in India) मना रहे केरल, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने इन राज्यों की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य तथा देश की सामाजिक, आर्थिक एवं राष्ट्रीय प्रगति में उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

अपने शुभकामना संदेश में श्री अवस्थी ने कहा कि केरल अध्यात्म, ज्ञान, संस्कृति और समृद्ध परंपराओं की अनुपम धरा है। जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की जन्मस्थली के रूप में इसकी विशिष्ट पहचान भारतीय सांस्कृतिक चेतना को समृद्ध करती है। उन्होंने प्रदेश में शांति, प्रगति और खुशहाली की कामना की।

हरियाणा को कर्मठता, शौर्य, कृषि परंपरा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी भूमि बताते हुए उन्होंने अन्नदाता किसानों, उत्कृष्ट खिलाड़ियों तथा वीर जवानों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कामना की कि हरियाणा के गाँव सशक्त हों, किसान समृद्ध बनें और प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख-समृद्धि का संचार हो।

कर्नाटक की ऐतिहासिक धरोहरों, कन्नड़ भाषा-साहित्य, कला, ज्ञान-विज्ञान और नवाचार की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रदेश अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के साथ देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहे। उन्होंने सामाजिक सद्भाव और सर्वांगीण विकास की मंगलकामना की।

आंध्र प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, तेलुगु भाषा की साहित्यिक गरिमा, कृषि संस्कृति और उद्यमशीलता को रेखांकित करते हुए श्री अवस्थी ने आशा व्यक्त की कि प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित करे, गाँव आत्मनिर्भर बनें और प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्ण एवं खुशहाल जीवन के पर्याप्त अवसर प्राप्त हों।

छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक वैभव को नमन करते हुए उन्होंने कामना की कि यह प्रदेश विकास, शांति, सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण के नए सोपान प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि किसानों, श्रमिकों, युवाओं, महिलाओं तथा समस्त नागरिकों की खुशहाली ही प्रदेश की वास्तविक प्रगति का आधार है।
श्री अवस्थी ने भगवान श्री पद्मनाभस्वामी, भगवान श्रीकृष्ण, श्री हनुमान जी, भगवान श्री मल्लिकार्जुन स्वामी एवं माँ दंतेश्वरी की कृपा से पाँचों राज्यों के उज्ज्वल भविष्य, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की।
उन्होंने ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के इन पाँचों राज्यों सहित सभी प्रदेशों के माननीय प्रदेश अध्यक्षों एवं समस्त पदाधिकारियों को भी स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
अपने संदेश के समापन में श्री अवस्थी ने कहा कि पंचायतों का सशक्तीकरण, जनसेवा, जनभागीदारी और सतत ग्रामीण विकास हमारे साझा संकल्प हैं। सामूहिक सहयोग, समर्पण एवं सकारात्मक सहभागिता से ग्राम स्वराज की भावना को और अधिक सुदृढ़ करते हुए एक समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत के निर्माण में सार्थक योगदान दिया जा सकता है। (State Formation Day in India)
