श्री जी राधाष्टमी पर देशवासियों, श्रद्धालुओं और पंचायत प्रतिनिधियों को हार्दिक शुभकामनाएं
कानपुर। श्री जी राधारानी के प्राकट्य दिवस श्री जी राधाष्टमी के पावन अवसर पर श्री बिहारी जी विराजमान मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट, श्री बाँके बिहारी धाम, मड़ेपुर के मुख्य ट्रस्टी एवं सरवराहकार तथा ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने देश-प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं एवं पंचायत प्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

अपने शुभकामना संदेश में विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि श्री जी राधारानी का जीवन प्रेम, त्याग, समर्पण, करुणा और भक्ति की अनुपम प्रेरणा देता है। श्री जी राधाष्टमी का पावन पर्व हमें अपने जीवन में प्रेम, सेवा, सद्भाव और मानवीय मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा से जुड़े पर्व हमारी आध्यात्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक एकता, भाईचारे, सेवा और संस्कारों को भी बढ़ावा देते हैं। ऐसे पर्व समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक बनाने का कार्य करते हैं।
पंचायतों को जनसेवा और सद्भाव का केंद्र बनाने का आह्वान
ग्रामीण समाज और पंचायत प्रतिनिधियों का उल्लेख करते हुए श्री अवस्थी ने कहा कि गांवों के विकास के साथ सामाजिक सद्भाव, सेवा, संस्कार और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। पंचायतें जनसेवा, जनभागीदारी और सामाजिक एकता की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के साथ समाज में सहयोग, सद्भाव, परोपकार और लोककल्याण की भावना को निरंतर बढ़ावा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्री जी राधाष्टमी जैसे पावन पर्व ग्राम पंचायतों में सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता को बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करते हैं। गांवों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से आपसी भाईचारा, स्वच्छता, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सकता है।
श्री बाँके बिहारी धाम मड़ेपुर में आस्था का दिव्य केंद्र

श्री बिहारी जी विराजमान मंदिर (श्री बाँके बिहारी धाम) उत्तर भारत के प्राचीन आस्था केंद्रों में प्रतिष्ठित मंदिर के रूप में मड़ेपुर, भीतरगांव, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश में स्थित है। प्राचीन “ठाकुर द्वारा” के दिव्य, नव्य एवं भव्य नवीन स्वरूप में यहां श्री ठाकुर जी के दिव्य एवं अलौकिक दर्शन श्रद्धालुओं को प्राप्त होते हैं।

मंदिर में श्री जी राधा-योगेश्वर श्री कृष्ण जी की दिव्य एवं अलौकिक मूर्ति विराजमान है। मंदिर की परंपरा में युगल किशोर सरकार की संयुक्त एवं एकीकृत छवि में श्री बाँके बिहारी जी के दिव्य स्वरूप का दर्शन किया जाता है। श्रद्धालु इस स्वरूप में राधा तत्व की हृदयस्पर्शी अनुभूति करते हैं और इसे अपनी आस्था एवं मनोकामनाओं से जोड़कर देखते हैं।
मंदिर को ‘युगल किशोर सरकार’ की पावन दिव्य धरा के रूप में श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था प्राप्त है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से भक्तगण श्री बाँके बिहारी जी एवं श्री जी राधारानी के दिव्य दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।
श्री जी राधाष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धा एवं भक्ति का विशेष वातावरण में भक्तगण युगल किशोर सरकार के दिव्य दर्शन के लिए हृदय से उत्साहित रहते हैं तथा श्री जी राधाजी -योगेश्वर श्री कृष्ण जी की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
श्री अवस्थी ने कामना की कि श्री जी राधारानी एवं श्री बाँके बिहारी जी की कृपा से प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए तथा देश में प्रेम, सौहार्द और भाईचारा निरंतर मजबूत हो।
उन्होंने कहा कि श्री जी राधाष्टमी का पावन पर्व हमें निःस्वार्थ सेवा, परोपकार और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। सभी देशवासी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ इस पर्व को मनाएं तथा श्री राधारानी के प्रेम और करुणा के संदेश को अपने जीवन में अपनाएं—यही मंगलकामना है।
॥ श्री मत्कुंजविहारिणे नमः ॥
