माँ कालरात्रि की आराधना से दूर हो भय और अज्ञान का अंधकार
विशेष लेख… मेरी कलम से
विवेक चन्द्र अवस्थी
राष्ट्रीय अध्यक्ष, ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन
॥ ॐ देवी कालरात्र्यै नमः ॥
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥

नवरात्रि के सातवें दिन माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाती है। माँ कालरात्रि साहस, शक्ति और निर्भयता की प्रतीक हैं। उनकी आराधना हमें अन्याय का सामना करने, नकारात्मकता त्यागने तथा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

माँ कालरात्रि की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए। आइए, नारी शक्ति का सम्मान करने, जरूरतमंदों की सेवा करने और अपने गाँवों को भयमुक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लें।
जय माता दी…! जय माँ कालरात्रि…!
