जयंती विशेष-

लखनऊ। भारत के राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ के अभिकल्पक, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं प्रखर राष्ट्रभक्त पिंगली वेंकैया की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि पिंगली वेंकैया केवल तिरंगे के रचनाकार ही नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, एकता और स्वाभिमान के ऐसे महान शिल्पकार थे, जिन्होंने अपने विचार, दूरदृष्टि और राष्ट्रभक्ति से देश को एक ऐसा प्रतीक दिया, जो आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की पहचान बन चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज केवल तीन रंगों का संयोजन नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों नागरिकों की भावनाओं, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय अस्मिता का जीवंत प्रतीक है। तिरंगे का प्रत्येक रंग भारत के चरित्र और संस्कृति का संदेश देता है। केसरिया रंग त्याग, साहस और समर्पण का, श्वेत रंग सत्य, शांति और सद्भाव का तथा हरा रंग समृद्धि, विकास और प्रकृति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वहीं अशोक चक्र निरंतर प्रगति, न्याय और गतिशील राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि पिंगली वेंकैया ने ऐसे समय में राष्ट्रध्वज की कल्पना की, जब देश स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहा था। उन्होंने समझ लिया था कि किसी भी राष्ट्र को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि ऐसा राष्ट्रीय प्रतीक भी चाहिए, जो देश के प्रत्येक नागरिक को एक सूत्र में जोड़ सके। उनकी इसी दूरदृष्टि का परिणाम है कि आज तिरंगा भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता का सबसे बड़ा प्रतीक बनकर प्रत्येक भारतीय के गौरव का आधार है।
उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात सैनिक जब तिरंगे की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करते हैं, खिलाड़ी जब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तिरंगे को सर्वोच्च स्थान पर फहराते हैं और वैज्ञानिक जब नई उपलब्धियों के साथ विश्व मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, तब प्रत्येक भारतीय का हृदय गर्व से भर उठता है। यह गौरव पिंगली वेंकैया की उस अमूल्य देन का परिणाम है, जिसे उन्होंने राष्ट्र को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि आज जब देश “एक भारत-श्रेष्ठ भारत”, “विकसित भारत-2047” और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, तब तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का प्रेरक संदेश बन चुका है। हर घर तिरंगा अभियान ने भी देशवासियों के मन में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, अपनत्व और गौरव की भावना को और अधिक सशक्त किया है।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने देशवासियों से आह्वान किया कि पिंगली वेंकैया की जयंती पर हम सभी यह संकल्प लें कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, संविधान के आदर्शों और राष्ट्र की एकता-अखंडता की रक्षा को अपना सर्वोच्च कर्तव्य मानेंगे तथा अपने आचरण से भारत को विश्व का सर्वश्रेष्ठ लोकतांत्रिक और समृद्ध राष्ट्र बनाने में सक्रिय योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों को एक सूत्र में जोड़ने वाले राष्ट्रीय ध्वज के महान शिल्पकार पिंगली वेंकैया का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। उनकी अमर कृति और राष्ट्रनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय गौरव का संदेश देती रहेगी।
