उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के संबोधन से पंचायत चुनाव की संभावित समय-सीमा को लेकर बढ़ी स्पष्टता
लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से जारी असमंजस के बीच सोमवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित उचित दर विक्रेताओं के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के संबोधन से चुनाव की संभावित समय-सीमा को लेकर महत्वपूर्ण संकेत सामने आए। उनके संबोधन से यह संभावना प्रबल हुई कि विधानसभा चुनाव के बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं।
हालांकि, पंचायत चुनाव की तिथियों और कार्यक्रम को लेकर अभी शासन अथवा राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उपमुख्यमंत्री के संबोधन को पंचायत चुनाव के क्रम और संभावित समय-सीमा के लिहाज से अहम संकेत माना जा रहा है।
विधानसभा चुनाव के बाद पंचायत चुनाव की संभावना
कार्यक्रम के दौरान पंचायत चुनाव को लेकर सामने आए संकेतों से यह तस्वीर उभरती है कि प्रदेश में पहले विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो सकती है और उसके बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां आगे बढ़ सकती हैं। इससे ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत स्तर पर चुनाव की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को संभावित दिशा का संकेत मिला है।
प्रशासकों और संभावित दावेदारों में बढ़ी हलचल
चुनाव की संभावित समय-सीमा को लेकर स्थिति कुछ स्पष्ट होने के बाद पंचायतों में कार्यरत वर्तमान प्रशासकों के बीच बना संशय कम हुआ है। वहीं संभावित प्रत्याशियों और पंचायत प्रतिनिधियों में भी चुनावी गतिविधियां तेज होने के आसार हैं।
ग्राम पंचायत से लेकर क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत स्तर तक चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदार अब संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क को गति दे सकते हैं। पंचायतों से जुड़े लोगों की नजर अब शासन और राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक कार्यक्रम पर रहेगी।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से अलग-अलग स्तर पर कयास लगाए जा रहे थे। ऐसे में उपमुख्यमंत्री के संबोधन के बाद चुनाव को लेकर बनी अनिश्चितता में कमी आई है। हालांकि अंतिम निर्णय और चुनाव कार्यक्रम की पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही मानी जाएगी।
फिलहाल उपमुख्यमंत्री के संकेतों ने पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटे प्रशासकों, पंचायत प्रतिनिधियों और संभावित दावेदारों के बीच नई हलचल पैदा कर दी है।
