पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट व्यक्तित्व मार्गदर्शक मंडल में शामिल; 19 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी, 18 प्रदेश अध्यक्षों और उत्तर प्रदेश की विस्तारित प्रदेश कार्यकारिणी के माध्यम से पंचायतों को सशक्त बनाने का संकल्प
कानपुर, 11 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र के पावन प्रथम दिवस के अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने अपनी संशोधित कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए संगठनात्मक मजबूती, पंचायतीराज संस्थाओं के सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास के संकल्प को नई दिशा देने का संदेश दिया है। संशोधित कार्यकारिणी में मार्गदर्शक एवं प्रमुख सलाहकार मंडल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी, विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों तथा उत्तर प्रदेश की प्रदेश कार्यकारिणी को शामिल किया गया है।

संगठन का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाना, पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा करना, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करना तथा पंचायत प्रतिनिधियों को एक सशक्त राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है।

मार्गदर्शक एवं प्रमुख सलाहकार मंडल में प्रतिष्ठित व्यक्तित्व
संगठन के मार्गदर्शक एवं प्रमुख सलाहकार मंडल में भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद, पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री अनुराग पटेल, श्री विवेक भारद्वाज एवं श्रीमती दिव्या मित्तल, पंचायतीराज विशेषज्ञ श्री विवेक गंगवार, वरिष्ठ रणनीतिकार डॉ. दिलीप सिंह लोधी, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री विवेक सिंह तथा प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. विकास दिव्यकीर्ति सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी व्यक्तित्वों को स्थान दिया गया है।
इस मंडल में नोबेल पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री दामोदर दास, पूर्व उपनिदेशक श्री जितेन्द्र सिंह, पूर्व न्यायाधीश श्री चन्द्र भूषण पाण्डेय, एम्पावर पंचायत के श्री अमित शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अनिरुद्ध त्रिपाठी तथा विभिन्न क्षेत्रों के वरिष्ठ ग्राम प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी को दी गई संगठनात्मक जिम्मेदारी
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में श्री विवेक चन्द्र अवस्थी को राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्रीमती प्रियंका तिवारी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा श्री राजमणि पाण्डेय, श्रीमती ज्योति यादव और श्रीमती प्रियंका खेमरिया को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
राष्ट्रीय सचिव के रूप में डॉ. अनामिका सिंह, श्री सुरेंद्र सिंह चौहान, श्री मुदमंगल सिंह, श्री धनराज यादव, सुश्री अमरून निशा, श्रीमती नगमा अंसारी, श्री अमित कुमार राजभर, श्रीमती तान्या परवीन, श्रीमती वनिता कुमारी, डॉ. कश्मीरी, श्रीमती सीमा विष्णु गमे, श्री लक्ष्मण जगन्नाथ बेंडकुळे, श्री जुझार सिंह गुर्जर तथा श्रीमती सोनी सिंह को शामिल किया गया है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विभिन्न राज्यों और जनपदों से प्रतिनिधित्व देकर संगठन के राष्ट्रीय विस्तार तथा पंचायत प्रतिनिधियों के बीच समन्वय को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
18 राज्यों एवं केंद्रशासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर में प्रदेश अध्यक्षों की जिम्मेदारी
संगठन ने विभिन्न राज्यों में अपनी इकाइयों को सक्रिय और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 18 प्रदेश अध्यक्षों को जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें उत्तर प्रदेश से श्रीमती मनु यादव, बिहार से श्रीमती गुड़िया कुमारी, मध्य प्रदेश से श्री राजदीप तोमर, उत्तराखंड से श्रीमती योगिता कैंतुरा रावत, राजस्थान से श्री बंसी (अर्जुन सिंह), छत्तीसगढ़ से श्री प्रदीप पाठक, हरियाणा से सुश्री आरती यादव, झारखंड से श्री मुकेश यादव तथा पंजाब से श्री गगन दीप सिंह ढिल्लों शामिल हैं।
इसी क्रम में तमिलनाडु से श्रीमती जीविता रमेश, महाराष्ट्र से पद्मश्री पवार पोपटराव भागु जी, हिमाचल प्रदेश से श्रीमती लता देवी, ओडिशा से श्री वीर बर साहू, जम्मू-कश्मीर से श्रीमती वंदना कुमारी, आंध्र प्रदेश से श्रीमती एम. मोनालिसा, सिक्किम से श्री अनिल राय, गुजरात से श्री धर्मेंद्र के. हेजम तथा कर्नाटक से श्री जालंधर शेट्टी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यकारिणी का भी विस्तार
उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के लिए प्रदेश कार्यकारिणी में विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। श्री शौबीर सिंह को प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में मोहम्मद असलम खान, श्री विद्यासागर यादव और मोहम्मद इकबाल को शामिल किया गया है, जबकि श्री अखिलेश यादव को प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रदेश सचिव के रूप में श्रीमती सपना चतुर्वेदी, श्री अनुज द्विवेदी, सुश्री राधा वर्मा, श्रीमती रेनू शर्मा, मोहम्मद मुशर्रत खान, श्रीमती नेहा अवस्थी, श्री राजेश निषाद, श्रीमती निहारिका वर्मा, सुश्री नीलमणि राजे, श्रीमती गीता वर्मा, श्री दिनकर तिवारी, श्री कमलेश कुमार, श्रीमती पूनम सिंह, श्रीमती पावनी मिश्रा, श्री जनवेश सिंह, श्री सुस्पेंद्र बहादुर सिंह, श्री आशीष कुमार, श्री योगेश पाण्डेय, श्री आशुतोष सिंह उर्फ मिंटू, श्री अमित पटेल, श्रीमती रूबी देवी गंगवार, श्री महिपाल सिंह, श्रीमती सारिका चौधरी, श्रीमती साविता सिंह, श्री मनोज साहनी, श्रीमती शाहीन बेगम, श्री भूरी सिंह, श्रीमती आशा तिवारी, श्री दिनेश कुमार सिंह, श्री मनोज कुमार यादव तथा श्री धीरेन्द्र प्रताप उर्फ हीरा को शामिल किया गया है।
पंचायतों के अधिकार, सम्मान और ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्धता
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन का लक्ष्य पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाना, ग्राम सभाओं को मजबूत बनाना, ग्रामीण विकास की योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
संगठन की संशोधित कार्यकारिणी को शारदीय नवरात्र के प्रथम दिवस से जोड़कर प्रस्तुत करना शक्ति, सेवा, समर्पण और नए संकल्प का संदेश देता है। संगठनात्मक विस्तार के माध्यम से राष्ट्रीय, प्रादेशिक और स्थानीय स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों के बीच बेहतर संवाद तथा समन्वय स्थापित करने की दिशा में कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया गया है।
संगठन का संदेश है कि सशक्त पंचायतें ही सशक्त गांव, सशक्त समाज और विकसित भारत की आधारशिला हैं।
