अभियंता दिवस पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने सृजन, नवाचार और तकनीकी प्रतिभा को किया नमन
कानपुर। अभियंता दिवस के अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने देश के समस्त अभियंताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि अभियंता दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि सृजनशीलता, परिश्रम, तकनीकी दक्षता और नवाचार का उत्सव है।

उन्होंने कहा कि अभियंता केवल मशीनों, भवनों, सड़कों और पुलों का निर्माण नहीं करते, बल्कि वे सपनों को आकार देकर संभावनाओं को वास्तविकता में बदलते हैं तथा मानव जीवन को सरल, सुरक्षित और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
श्री अवस्थी ने कहा कि भारत ने विश्व को अनेक महान अभियंता दिए हैं। भारतरत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर मनाया जाने वाला अभियंता दिवस उनके अद्वितीय योगदान, दूरदृष्टि और राष्ट्रसेवा की भावना को स्मरण करने का अवसर है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सही सोच, तकनीकी ज्ञान, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम के माध्यम से असंभव कार्यों को भी संभव बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अभियंता आधुनिक सभ्यता के ऐसे शिल्पकार हैं, जिनके ज्ञान और परिश्रम से देश की विकास यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है। आज गांवों में सड़क, जलापूर्ति, सिंचाई, स्वच्छता, विद्युत, डिजिटल कनेक्टिविटी और टिकाऊ आधारभूत संरचनाओं के विकास में अभियंताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सशक्त पंचायतों और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में तकनीकी विशेषज्ञता का समुचित उपयोग समय की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आज आवश्यकता है कि अभियंत्रण केवल तकनीकी उपलब्धियों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज की वास्तविक जरूरतों, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास और मानवीय मूल्यों को भी अपनी योजनाओं का आधार बनाए। ऐसी तकनीक ही देश के विकास को स्थायी और जनहितकारी दिशा प्रदान कर सकती है।
उन्होंने देश के सभी अभियंताओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल और नवाचार का उपयोग राष्ट्र एवं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने में करें।
श्री अवस्थी ने कहा, “हमारे अभियंता केवल भवन, सड़क और मशीनें नहीं बनाते, वे विकसित भारत की नींव रखते हैं। इसलिए अभियंता वास्तव में केवल निर्माता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माता हैं।”
इस अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से देश के सभी अभियंताओं के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को नमन किया गया।
