हिन्दी दिवस पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से देशवासियों को शुभकामनाएँ, हिन्दी के सम्मान और संवर्धन का लिया संकल्प
लखनऊ । हिन्दी दिवस के अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए हिन्दी को भारत की आत्मा, संस्कृति और पहचान का शाश्वत स्वर बताया।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि आज का दिन मात्र हिन्दी दिवस नहीं, अपितु हमारी आत्मा की पुकार और हृदय की धड़कन का पावन पर्व है। हिन्दी केवल बोलचाल का माध्यम नहीं, बल्कि माँ की ममता है—वह प्रथम स्वर है, जिसमें शिशु “माँ” कहकर संसार से अपना पहला संवाद करता है।
उन्होंने कहा कि हिन्दी वह अमृतधारा है, जिसमें कबीर की साखियाँ जीवन का सत्य गाती हैं, मीरा का प्रेम उमड़ता है, सूर की भक्ति प्रवाहित होती है और तुलसी की वाणी मर्यादा एवं आदर्शों को अमरत्व प्रदान करती है। इसी भाषा में प्रेमचंद ने गाँव की वेदना को स्वर दिया, महादेवी वर्मा ने करुणा की गहराई को उजागर किया और निराला ने विद्रोह की अग्नि को प्रज्वलित किया।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हिन्दी ने केवल साहित्य को समृद्ध नहीं किया, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम में भी जन-जन को जागृत करने और राष्ट्रभावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हिन्दी ने भारत की स्वतंत्रता की चेतना को स्वर दिया और स्वाधीनता के गीतों को जन-जन तक पहुँचाया।
उन्होंने कहा कि हिन्दी दिवस आत्ममंथन का अवसर भी है। आज हमें विचार करना होगा कि क्या हम अपनी इस समृद्ध धरोहर को वह सम्मान दे पा रहे हैं, जिसकी वह अधिकारी है। अपनी भाषा से विमुख होना अपनी जड़ों से कट जाने के समान है।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि हिन्दी को केवल घर-आँगन की बोली तक सीमित न रखते हुए इसे सम्मान की भाषा, ज्ञान-विज्ञान की भाषा और राष्ट्र की आत्मा का स्वर बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। हिन्दी की समृद्धि हमारी संस्कृति की समृद्धि है और हिन्दी का गौरव भारत का गौरव है।
उन्होंने कहा, “हिन्दी केवल शब्दों की बुनावट नहीं, यह भावनाओं का आलोक है। हिन्दी केवल भाषा नहीं, यह हमारी पहचान, हमारी संस्कृति और हमारी आत्मा का शाश्वत गीत है।”
इस अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से सभी देशवासियों से हिन्दी के सम्मान, प्रचार-प्रसार और अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।
जय हिन्दी! जय भारत! 🇮🇳
