पंचायत प्रतिनिधि चाहें तो अपने गाँव की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकते हैं
लखनऊ। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों में अपने गाँव के विकास की दिशा बदलने की अद्भुत शक्ति है। वे केवल जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि गाँव के वर्तमान और भविष्य के निर्माण के प्रमुख सूत्रधार हैं।
श्री अवस्थी ने कहा, “जो ताकत पंचायत प्रतिनिधियों में है, वह किसी में नहीं। पंचायत प्रतिनिधि अपने गाँव की तस्वीर बदल सकते हैं, बशर्ते उनके भीतर विकास की स्पष्ट सोच, ईमानदार इच्छाशक्ति और जनसेवा का संकल्प हो।”
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य अपने क्षेत्र की समस्याओं को सबसे बेहतर तरीके से समझते हैं। यदि वे उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, स्वच्छता, रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों को प्राथमिकता दें, तो गाँव में व्यापक और स्थायी बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने कार्यकाल को केवल पद की जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इसे गाँव की नई तस्वीर गढ़ने का अवसर मानें। एक जागरूक और कर्मठ पंचायत प्रतिनिधि आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा विकास मॉडल तैयार कर सकता है, जिस पर पूरा गाँव गर्व करे।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा, “मेरा विश्वास है कि देश के विकास की असली शुरुआत गाँव से होती है और गाँव के विकास की पहली जिम्मेदारी पंचायत प्रतिनिधियों के कंधों पर है।”
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान, अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए निरंतर आवाज उठाता रहेगा।
