ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने निर्णय का किया स्वागत, पंचायतों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से धनराशि उपलब्ध कराने की मांग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में पंचायतीराज संस्थाओं के लिए अगस्त माह में 1000 करोड़ रुपये के सामान्य अनुदान की स्वीकृति दिए जाने का ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने स्वागत किया है। संगठन ने इसे प्रदेश की ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वीकृत 1000 करोड़ रुपये में लगभग 700 करोड़ रुपये ग्राम पंचायतों, जबकि 150-150 करोड़ रुपये जिला पंचायतों तथा क्षेत्र पंचायतों/मध्यवर्ती पंचायतों के लिए निर्धारित किए गए हैं। शासन द्वारा धनराशि को संबंधित पंचायतों के खातों में सीधे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत इकाई हैं। सामान्य अनुदान मिलने से ग्राम पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा, “हम उत्तर प्रदेश सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हैं। पंचायतों को मिलने वाली धनराशि का समय से हस्तांतरण, पारदर्शी उपयोग और स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुरूप खर्च सुनिश्चित होना चाहिए। इससे गांवों में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी।”
श्री अवस्थी ने सरकार से मांग की कि पंचायतों को अनुदान जारी करने की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाया जाए तथा पंचायत प्रतिनिधियों को धनराशि के उपयोग, वित्तीय प्रबंधन एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाए।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने कहा कि मजबूत वित्तीय व्यवस्था के बिना सशक्त पंचायत और सतत ग्रामीण विकास की कल्पना संभव नहीं है। संगठन पंचायतों के वित्तीय सशक्तीकरण, पारदर्शिता और जवाबदेह विकास के लिए निरंतर अपनी आवाज उठाता रहेगा।
