‘भारतीय AI पंचायत मिशन’ की प्रथम राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर के किसानों से किया संवाद, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर दिया बल

गांधीनगर (गुजरात)। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. एभा पटेल ने कहा कि प्राकृतिक खेती और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का समन्वय भारतीय कृषि व्यवस्था में नई क्रांति का आधार बनेगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसान मौसम की सटीक जानकारी, मिट्टी की गुणवत्ता का वैज्ञानिक विश्लेषण तथा प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने के साथ अपनी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकेंगे।
उन्होंने यह विचार गुजरात के लोकभवन में महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत की विशेष उपस्थिति में आयोजित ‘भारतीय AI पंचायत मिशन’ की प्रथम राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। कार्यशाला का आयोजन घर आई नन्ही परी फाउंडेशन द्वारा ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. एभा पटेल के नेतृत्व में किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए किसानों, कृषि विशेषज्ञों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

“जब प्राकृतिक खेती मिले तकनीक AI से” विषय पर आयोजित कार्यशाला में डॉ. एभा पटेल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग खेती में फसल प्रबंधन, जल संरक्षण, रोगों की समय पर पहचान तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनेगी।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक का यह समन्वय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने और प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

कार्यशाला में गुजरात सरकार के मंत्री ऋषिकेश पटेल, पूर्व गृह मंत्री गोरधन झड़फिया, उंझा के विधायक किरीट पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ एवं देशभर से आए किसान उपस्थित रहे।
