ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने पंचायती राज मंत्रालय के सचिव के सेवानिवृत्त होने पर व्यक्त किया सम्मान, राष्ट्र निर्माण में 36 वर्षों की उत्कृष्ट सेवाओं को किया नमन

नई दिल्ली,1 अगस्त। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री विवेक भारद्वाज के 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने पर उन्हें भावभीनी शुभकामनाएँ एवं सम्मानपूर्वक विदाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित श्री विवेक भारद्वाज का 36 वर्षों का प्रशासनिक जीवन उत्कृष्ट नेतृत्व, ईमानदारी, दूरदर्शिता, संवेदनशीलता तथा परिणामोन्मुख कार्यशैली का प्रेरणादायी उदाहरण है।

विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि 31 जुलाई 2026 को पंचायती राज मंत्रालय में आयोजित गरिमामय विदाई समारोह में केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्री विवेक भारद्वाज की दीर्घ एवं उल्लेखनीय प्रशासनिक सेवाओं का स्मरण करते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। समारोह में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके सरल व्यक्तित्व, कुशल नेतृत्व और कार्य के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।

उन्होंने कहा कि श्री विवेक भारद्वाज के नेतृत्व में पंचायती राज मंत्रालय ने ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण पहलें कीं। ग्राम पंचायतों को अधिक सक्षम, जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने, स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने, डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने, पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास तथा ग्राम स्तर पर सुशासन की संस्कृति को स्थापित करने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि भारत के संविधान में निहित लोकतांत्रिक मूल्यों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने में पंचायती राज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं जनोन्मुख बनाने में श्री विवेक भारद्वाज ने अपने प्रशासनिक अनुभव, दूरदर्शी सोच और सकारात्मक नेतृत्व से उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके कार्यकाल में पंचायतों के सुदृढ़ीकरण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचारों को प्रोत्साहन तथा ग्रामीण विकास की गति को नई ऊर्जा मिली।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन को भी समय-समय पर पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मंत्रालय के सकारात्मक दृष्टिकोण और रचनात्मक सहयोग का लाभ मिला। संगठन को विश्वास है कि श्री विवेक भारद्वाज द्वारा स्थापित प्रशासनिक मूल्यों, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और जनसेवा की कार्यसंस्कृति से आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा प्राप्त करती रहेंगी।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति किसी सक्रिय जीवन का अंत नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए अनुभव एवं ज्ञान के नए अध्याय की शुरुआत होती है। उन्हें विश्वास है कि श्री विवेक भारद्वाज भविष्य में भी अपने व्यापक अनुभव और मार्गदर्शन से देश के प्रशासनिक, सामाजिक एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।
अंत में ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से विवेक चन्द्र अवस्थी ने श्री विवेक भारद्वाज को उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायी सेवाओं के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और पंचायती राज व्यवस्था के प्रति उनका योगदान सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ स्मरण किया जाएगा।
